बीएचयू में छात्रा से छेड़खानी के बाद लाठीचार्ज और बवाल के साथ ही छात्रों पर दर्ज किए गए आपराधिक मुकदमों के विरोध में सभी दलों के छात्रनेता एक मंच पर आ गए हैं।
भदैनी स्थित रानी लक्ष्मीबाई जन्म स्थली पर आयोजित छात्र युवा महापंचायत में छात्रसंघों के वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों ने इस मामले में सड़क से संसद तक संघर्ष करने का एलान किया।
साथ बवाल के लिए कुलपति को जिम्मेदार ठहराते हुए मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई। वहीं, 11 अक्तूबर को अस्सी घाट पर छात्र युवा महासम्मेलन बुलाने का निर्णय लिया गया।
जिसमें पूर्वांचल भर के छात्रों, छात्रसंघ के वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों के साथ ही विभिन्न संगठनों के लोगों को बुलाया गया है। महापंचायत में बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष मोहन प्रकाश ने कहा कि कुलपति छात्राओं की सुरक्षा करने के बजाय उन्हें ही कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
इसका परिणाम हुआ कि छात्राओं को सड़क पर आना पड़ा। आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बनारस से जाते ही कुलपति ने उन पर लाठीचार्ज करा दिया। सरकार के दबाव में जांच करने वाले न्याय के लिये आवाज उठाने वाले छात्र-छात्राओं का ही उत्पीड़न कर रहे हैं।
महिला आयोग की जांच पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सचिव श्वेता राय ने कहा कि चीफ प्रॉक्टर और वार्डेन के सामने छात्राओं के बयान लिए गए। क्या यह छात्राओं के बयान को प्रभावित करने का तरीका नहीं है।
घटना कला संकाय की छात्राओं के साथ घटित हुई और बयान मेडिकल की छात्राओं के लिए गए। इससे सिद्ध होता है कि बीएचयू प्रशासन महिला आयोग को बरगला रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आयोग के कार्यालय पर धरना दिया जायेगा। पंचायत में क्राइम ब्रांच की नोटिस वापस कराने के लिए जिला प्रशासन का घेराव करने का प्रस्ताव गगन प्रकाश यादव ने रखा, जिसका सभी ने समर्थन किया।