बीएचयू सेंट्रल आफिस के बाहर छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। धरने के छठवें दिन काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही अपनी मांगों को पूरी करने की मांग की गई। छात्रों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि आखिर बीएचयू प्रशासन उनसे मिलने क्यों नहीं आ रहा उनकी मांगों पर सुनवाई क्यों नहीं हो रही?
बीएचयू स्थित सेंट्रल ऑफिस पर छात्रों का आक्रोश बढ़ रहा है। आज छात्र प्रदर्शन के छठवें दिन हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और कहा 19 सूत्रीय मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक कोई सकारात्मक रुख नहीं अपनाया। पांच दिन से कोई वार्तालाप नहीं हुई है।
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छात्रों ने कहा कि बीते 5 दिन तक विरोध करने के बाद भी एक भी अधिकारी मिलने नहीं आए। छात्रों ने आगामी पीएचडी एडमिशन को लेकर भी सवाल उठाया। कहा कि एमफिल किए हुए छात्रों को शोध में प्रवेश से वंचित करके प्रशासन ने तानाशाही की कर दी है। छात्र सामाजिक समावेशन केंद्र में शोध प्रवेश की व्यवस्था पहले की ही तरह से चाहते हैं।
इसमें एमफिल धारक विद्यार्थियों को सीधे एडमिशन का मौका मिलता था। एबीवीपी बीएचयू इकाई के इकाई मंत्री भाष्करादित्य त्रिपाठी ने बताया कि छात्र संघ चुनाव न होना विवि प्रशासन की तानाशाही है। पुराने छात्रों की भी एक बैठक शीघ्र बुलाई जाएगी। इसमें छात्रसंघ बहाली पर बात होगी।
छात्रों ने कहा कि छात्र संघ की चुनाव न होने से छात्रों के ऊपर विश्वविद्यालय प्रशासन की तानाशाही बढ़ी है।