केस दो
स्नातक के छात्र राजेश तीन दिन से विश्वविद्यालय का चक्कर काट रहे हैं। आवेदन पत्र में उनकी जन्मतिथि गड़बड़ हो गई है और अब परीक्षा फार्म भरने में परेशानी हो रही है। काशी विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालय में दाखिले के समय राजेश ने संपूर्ण दस्तावेज सही ढंग से भरे थे।
छात्रा से मांगे 4000 रुपये
सारनाथ गाजीपुर स्थित एक महाविद्यालय की छात्रा ने बताया कि नाम की गड़बड़ी दुरुस्त कराने के लिए काफी परेशान होना पड़ा। महाविद्यालय से 4000 रुपये की मांग की गई। जब छात्रा ने विश्वविद्यालय से जानकारी ली तो पता चला कि शुल्क केवल 100 रुपये ही है। छात्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से इसकी शिकायत की तब जाकर आवेदन पत्र की गड़बड़ी दूर हुई।
प्राथमिकता के आधार पर दूर हो रही हैं गड़बड़ियां
कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्य ने बताया कि आवेदन पत्रों में गड़बड़ियों को दुरुस्त कराया जाएगा। जिन छात्रों के आवेदन पत्र मिल रहे हैं, उनको प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जा रहा है। छात्रों ने ही आवेदन के समय गड़बड़ियां की हैं जिसके कारण यह समस्या आ रही है।
संबद्ध महाविद्यालयों में शिकायतों का अंबार
काशी विद्यापीठ से संबद्ध चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही और वाराणसी के महाविद्यालयों में गड़बड़ियों की शिकायतें सबसे अधिक हैं। छात्र विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के बीच भागदौड़ करके परेशान हो रहे हैं।
अपनी लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं छात्र
कुलसचिव डॉ. एसएल मौर्य का कहना है कि छात्रों ने जब ऑनलाइन आवेदन किए तो उन्होंने ही अपने स्तर पर गड़बड़ियां की हैं। छात्रों ने साइबर कैफे से ऑनलाइन आवेदन स्वयं किए हैं या किसी के माध्यम से करवाया है। आवेदन करते समय की गई लापरवाही का खामियाजा छात्र भुगत रहे हैं।