महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रसंघ चुनाव स्थगित होने पर छात्रनेता भड़क उठे। छात्र देर रात तक पंत प्रशासनिक भवन के सामने कुलपति से मिलने के लिए अड़े रहे। प्रशासनिक भवन के सामने छात्रनेताओं ने जमकर नारेबाजी की और चुनाव स्थगन का विरोध करते रहे। कुलपति भी अधिकारियों के संग प्रशासनिक भवन कार्यालय में ही बैठे रहे। पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है, पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र अड़े रहे।
सोमवार की शाम को छात्रसंघ चुनाव स्थगित किए जाने से भड़के छात्रनेताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में हंगामा किया और धरने पर बैठ गए। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन की सूचना पर पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया। प्रशासनिक भवन पर धरना दे रहे छात्र वीसी से मिलने की मांग पर अड़े हुए थे। छात्रनेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई लेकिन छात्र निर्धारित तिथि पर चुनाव कराने के लिए अड़े थे। छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने तानाशाही करते हुए राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित होकर चुनाव को अगले आदेश तक रोक दिया है। अचानक इसकी सूचना हमें नोटिस के जरिये शाम को दी गई। छात्रों ने कहा कि पीएम की जनसभा के चलते यह निर्णय लिया गया है पर पीएम तो शहर के बाहर पिंडरा में आएंगे। यह विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी है। देर रात तक छात्र प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठे रहे और कुलपति समेत सभी अधिकारी व पुलिस अधिकारी भी बैठे रहे।
वहीं, चुनाव अधिकारी प्रो. आरपी सिंह का कहना है कि कमिश्नरेट छात्रसंघ चुनाव में पर्याप्त पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने में असमर्थ महसूस कर रहा है। इसे देखते हुए पूर्व घोषित तिथि पर छात्रसंघ चुनाव करना विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए संभव नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने छात्र प्रतिनिधियों से वार्ता करके उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।