बीएचयू कैंपस में शुक्रवार को दोपहर बाद जमकर बवाल हुआ। छात्रों ने हैदराबाद गेट, काशी विश्वनाथ मंदिर, सेंट्रल आफिस, सर सुंदरलाल अस्पताल और सिंहद्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ भी की। घंटे भर तक विश्वविद्यालय परिसर में अफरातफरी मची रही।
उपद्रव की सूचना पर परिसर सहित लंका तक की दूकानें बंद हो गईं। घंटे भर बाद पुलिस फोर्स पहुंची तब जाकर छात्र पीछे हटे। परिसर में छह थानों की फोर्स तैनात कर दी गई है। पूरा बवाल मुंह बांधे ट्रिपलिंग कर बाइक से जा रहे युवकों को रोके जाने पर हुआ।
इस मामले में लंका पुलिस ने सुरक्षाकर्मी अजय सिंह की तहरीर पर अज्ञात छात्रों एवं छात्र भानुशंकर की तहरीर पर छह सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
विश्वविद्यालय के डिप्लोमा छात्र भानुशंकर सिंह समेत तीन छात्र एक बाइक से दोपहर बाद ढाई बजे हैदराबाद गेट से अंदर जा रहे थे। गेट पर मौजूद चार सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को रोक लिया। सुरक्षाकर्मियों ने विश्वविद्यालय के नियमों का हवाला देते हुए उन्हें मुंह खोलकर चलने को कहा।
विवाद बढ़ा तो सुरक्षाकर्मियों ने भानुशंकर को पीट दिया। इसके कुछ ही देर बाद दर्जनों छात्र हैदराबाद गेट पहुंचे और सुरक्षाकर्मियों की पिटाई शुरू कर दी। दो सुरक्षाकर्मियों को पीटा गया जबकि दो ने गार्ड रूम में बंद होकर अपनी जान बचाई। इसके बाद छात्र विश्वनाथ मंदिर पहुंचे और वहां तैनात छह सुरक्षाकर्मियों को जमकर पीटा।
इसके बाद छात्र तोड़फोड़ करते सेंट्रल आफिस पहुंचे। यहां भी उपद्रवी छात्रों ने तोड़फोड़ की। हंगामा और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्र सर सुंदरलाल अस्पताल पहुंचे। यहां भी तीन सुरक्षाकर्मियों पर उन्होंने अपना गुस्सा उतारा।
अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों में काफी देर तक अफरातफरी मची रही। यहां से छात्र सिंहद्वार पहुंचे। यहां तैनात दो सुरक्षाकर्मियों को पीटने के बाद उनका सामान बाहर फेंक तोड़फोड़ की गई। लंका की दूकानें धड़ाधड़ बंद हो गईं। छात्रों को हंगामा करते करीब घंटे का समय हो चुका था लेकिन अब तक पुलिस नहीं पहुंची थी।
छात्रों के डर से न तो प्राक्टोरियल बोर्ड और न ही सुरक्षाकर्मी आगे आ रहे थे। करीब चार बजे पुलिस फोर्स बीएचयू कैंपस में दाखिल हुई तब जा कर उपद्रवी छात्र भागे। कैंपस में महत्वपूर्ण स्थानों के अलावा सभी द्वारों पर फोर्स तैनात कर दी गई है।