गंगा में गिरने वाले नालों से सीवर रोकने का काम अटक गया है। शासन स्तर से पहले मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन बाद में इसकी तिथि बढ़ाकर जून कर दी गई। लेकिन जल निगम के कर्मचारियों के बीते छह माह से वेतन न मिलने और समायोजन की बात का असर काम पर दिखने लगा है। तकरीबन एक माह से लगातार अपनी मांगों को लेकर भोजनावकाश में विरोध कर रहे हैं। इन सबका असर काम पर पड़ा है। तेज गति से चलने वाला काम इन दिनों कम हो गई है। अब तक 600 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी 60 प्रतिशत काम पूरा नहीं हुआ है। इस समस्या के समाधान का कोई दूसरा विकल्प जल निगम के पास नहीं है।
ये काम अटके
मौजूदा समय में खिड़किया घाट और अस्सी नाले को टैप करने का काम चल रहा है। इन्हीं नालों से गंगा में सीवर जा रहा है। खिड़किया घाट पर गिर रहे सीवर को रोकने के लिए लहुराबीर पर शाही नाले की लाइन चौकाघाट की ओर मोड़ी जा रही है। जिसकी गति धीमी हो गई है। जहां पहले मशीनों का शोर दिन भर होता था वहां इन दिनों मशीनें शांत हो गई हैं। ठेकेदार तो मिलते हैं लेकिन विभागीय अधिकारी और कर्मचारी नदारत हैं। लहुराबीर से रामकटोरा होते हुए चौकाघाट पंपिंग स्टेशन तक ले जाया जाएगा। यहां से सीवर को पंप कर दीनापुर भेजने की योजना है।
असि नाले को टैपिंग करने का काम भी ठंडा पड़ा है। नाले को डायवर्ट करके रमना एसटीपी ले जाना है। मार्च में काम पूरा होना था लेकिन अब यह काम जून तक पूरा होने पर संशय है। वरुणा नदी में गिरने वाले सीवर को रोकने का काम अटका पड़ा है। सिंचाई विभाग को नाली बनाकर चौकाघाट पंपिंग स्टेशन तक ले जाने की योजना का काम भी इन दिनों बंद है।
अधिकारी से बातचीत
सवाल - नालों से गिरने वाले सीवर का काम कब तक पूरा होगा
जवब उम्मीद है कि जून तक काम पूरा हो जाएगा
सवाल - कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन का असर काम पर पड़ेगा या नहीं
जवाब प्रत्यक्ष रूप से नहीं लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से काम पर असर पड़ेगा
सवाल - कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए क्या किया जा रहा है
जवाब शासन स्तर से कर्मचारियों का समाधान होगा। शासन को घटनाक्रम की जानकारी दी गई
- एके पुरवार, मुख्य अभियंता जल निगम
----
रमना में जाएगा अस्सी नाले का सीवर
रमना एसटीपी 50 एमएलडी का बन रहा है। अस्सी नाले का सीवर इसके जरिए ट्रीट किया जाएगा। दीनापुर एसटीपी चालू है। लेकिन खिड़किया घाट पर गिरने वाले सीवर को डायवर्ट किया जा रहा है। इसके बाद गंगा में एक बूंद भी सीवर नहीं गिरेगा।
---
दीनापुर में जाएगा वरुणा और खिड़किया घाट का सीवर
दीनापुर के पुराने एसटीपी में 80 एमएलडी सीवरेज आता है, जो ट्रीट करके पाइपलाइन से गंगा में भेजा जाता है। 140 एमएलडी का प्लांट बना है। वर्तमान में 120 से 140 एमएलडी सीवरेज आ रहा है, जो ट्रीट करके वरुणा नदी में गिराया जाता है।
---
गांवों का गंदा पानी भी नहीं जाएगा गंगा में
गंगा किनारे के 44 गांवों का गंदा पानी भी गंगा न में न जाने पाए, इसके लिए सालिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट योजना लागू की गई है। कोरोना के चलते यह काम ठंडे बस्ते में चला गया था। एक बार फिर से यहां गंदे पानी को रोकने की कवायद शुरू हो गई है। योजना के तहत गंगा के पांच किलोमीटर के दायरे में दोनों किनारों पर बसे गांवों में यह काम पूरा होने के बाद पर्यटन की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
---
एक नजर एसटीपी पर
गोइठहां एसटीपी - 120 एमएलडी
दीनापुर एसटीपी - 140 एमएलडी
रमना एसटीपी - 50 एमएलडी
---