विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में रैगिंग रोकने के लिए यूजीसी ने नई मुहिम शुरू की है। अब छात्र-छात्राओं को डाक्यूमेंट्री दिखाकर रैगिंग न करने और इसका हर स्तर पर विरोध करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
यूजीसी के निर्देश पर बीएचयू में दृश्य कला संकाय के छात्रों की एक टीम परिसर में रैगिंग रोकने के लिए इन दिनों डाक्यूमेंट्री बना रही है। करीब दस मिनट की डाक्यूमेंट्री में रैगिंग से एक छात्र की मौत का जिक्र किया गया है।
साथ ही छात्र-छात्राओं को इसके प्रति जागरूक किया गया है। यूजीसी के तरह-तरह के प्रयास के बाद भी शिक्षण संस्थानों में रैंगिंग नहीं रुक रही। बीएचयू में ही पिछले दो माह के भीतर एक विदेशी समेत दो छात्रों के साथ इस तरह की घटना हो चुकी है।
यहीं नहीं, एंटी रैगिंग सेल की ओर से की जा रही चार ऐसे मामलों में तीन की जांच पूरी हो चुकी है, जबकि विदेशी छात्र की जांच अंतिम दौर में है। अब यूजीसी के निर्देश पर एंटी रैगिंग सेल के समन्वयक प्रो. एसके त्रिगुण की देखरेख में दृश्य कला संकाय के छात्रों की एक टीम डाक्यूमेंट्री बना रही है।
व्यावहारिक कला विभाग के छात्र प्रदीप के निर्देशन में बन रही डाक्यूमेंट्री की कहानी के अनुसार दृश्य कला विभाग में पढ़ने वाले एक छात्र की रैगिंग होती है और वह इतना परेशान हो जाता है कि सदमे में जान गवां बैठता है। उधर, छात्र इसका विरोध हैं और उसकी याद में परिसर में कैंडल मार्च निकालते हैं। साथ ही रैगिंग का विरोध करने की अपील भी करते हैं।