कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग अब स्टिंग ऑपरेशन चलाएगा। लिंग परीक्षण कराने वाले अभिभावकों और चिकित्सकों पर टीम नजर रखेगी। पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ कार्यालय में रविवार को आयोजित जनपद स्तरीय संवेदीकरण कार्यशाला में यह निर्णय लिया गया।
पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत आयोजित कार्यशाला में नोडल अधिकारी एडिशनल सीएमओ डॉ. पीपी गुप्ता ने प्रोजेक्टर के माध्यम से लिंगानुपात पर प्रकाश डाला। डॉ. ओपी तिवारी ने महिलाओं की घटती संख्या को गंभीर बताया। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने कहा कि महिलाओं को खुद जागरूक रहने की जरूरत है। भ्रूण हत्या के खिलाफ हर नागरिक को आगे आने का आह्वान किया। महिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. शैला त्रिपाठी ने एमटीपी के कुप्रभाव और बच्चों के विकास पर प्रकाश डाला। विधि विशेषज्ञ विजय प्रकाश शर्मा ने पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने पर होने वाली सजा, जुर्माने की जानकारी दी। डॉ. सुरेश सिंह, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. मधुश्री पांडेय ने बेटी बचाओ योजना को बढ़ावा देने के प्रयासों पर चर्चा की। इस दौरान विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों सहित चिकित्सक, कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान लोगों को सफाई की शपथ भी दिलाई गई।