एसटीएफ लखनऊ इकाई के अनुसार जानकारी मिली थी कि ट्रक द्वारा फर्जी बिल्टी और फर्जी ई-वे बिल बनाकर उसके अंदर एयर रिसिवर टैंक में छुपाकर अवैध शराब हरियाणा से लाई जा रही है। गिरफ्तारी में एसटीएफ के विनोद कुमार, मुकेश प्रजापति, शिव भोला, प्रताप नारायण सिंह, कुलदीप सिंह, राजेश सिंह, आबकारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह विष्णु प्रताप सिंह, जिलेदार बिंद, विनीत कुमार शामिल रहे।
तस्करों मिलते थे 50-50 हजार
एसटीएफ के अनुसार दोनों तस्करों ने पूछताछ में कबूल किया कि गाड़ी मालिक विनय कुमार और अन्य लोगों का संगठित गिरोह है। पानीपत के ट्रांसपोर्ट नगर से गाड़ी में शराब लोड कराकर विनय कुमार द्वारा दे दिया जाता है। इसके साथ ही विनय हम लोगों को गुप्ता इंटर प्राइजेज से अलग-अलग प्रकार की बिल्टी भी दी जाती है।
विनय के कहने पर बताए हुए स्थान बिहार, झारखंड, गुजरात व अन्य जगहों पर गाड़ी पहुंचाते हैं। गाड़ी तय स्थान पर पहुंचते ही दो व्यक्ति आते हैं और गाड़ी लेकर चले जाते हैं। इसके बाद शराब उतरवाकर गाड़ी लौटा देते है। हम लोग अगली खेप लाने के लिए हरियाणा निकल पड़ते हैं। गाड़ी बिहार-झारखंड पहुंचाने के एवज में 50-50 हजार रुपये मिलते हैं। अब तक आठ से दस बार विभिन्न राज्यों में इसी गाड़ी से अवैध शराब की खेप पहुंचा चुके हैं।