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UP Crime: सेना का अधिकारी बन युवाओं से की ठगी, एसटीएफ ने मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार; दो फर्जी आईकार्ड बरामद

Tue, 31 Mar 2026 01:40 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: आर्मी अफसर बनकर युवाओं से धोखाधड़ी करने का आरोपी गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ और भेलूपुर पुलिस ने सुंदरपुर के विभूति इंक्लेव से आरोपी को गिरफ्तार किया। 
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आरोपी धर्मेंद्र कुमार पांडेय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आर्मी में कमांडिंग अफसर बनकर युवाओं को नौकरी के नाम पर ठगने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड धर्मेंद्र कुमार पांडेय को एसटीएफ वाराणसी यूनिट और भेलूपुर पुलिस ने सोमवार की रात सुंदरपुर स्थित विभूति इंक्लेव अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से भारतीय सेना के फर्जी दो आईकार्ड, तीन आधार कार्ड, तीन पैनकार्ड, दो डीएल, तीन डेबिट कार्ड, हाईस्कूल के दो अंकपत्र और प्रमाणपत्र बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपी चंदौली के अलीनगर थाना क्षेत्र के कैली गांव का निवासी है।

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क्या है पूरा मामला
एसटीएफ निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि वाराणसी समेत आसपास जनपदों में सेना, रेलवे और शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है। मिलिट्री इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने इस गिरोह के सक्रिय रहने की शिकायत का थी। एसटीएफ को भनक लगी कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला चंदौली निवासी धर्मेंद्र पांडेय भेलूपुर थाना क्षेत्र के विभूति इंक्लेव अपार्टमेंट में किराये पर फ्लैट में रह रहा है। टीम ने घेराबंदी की और आरोपी धर्मेंद्र पांडेय को फ्लैट से गिरफ्तार किया गया।

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बिहार के अपराधियों के संपर्क में आकर पूर्वांचल के लोगों को लूटा

एसटीएफ की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि उसने अलग-अलग आईडी कार्ड, पैनकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और सेना अधिकारी का फर्जी परिचय पत्र बनवाया है। नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले बिहार के कुछ अपराधियों के संपर्क में आने के बाद कमाडिंग ऑफिसर आर्मी इंटेलिजेंस अल्फा-1 (कर्नल) का फर्जी परिचय पत्र बनवाया था जिसे दिखाकर लोगों को बताता था कि वह आर्मी में ऑफिसर है। लोग उसके झांसे में आ जाते थे। वह आर्मी, रेलवे, शिक्षा विभाग और अर्धसैनिक बल आदि में नौकरी दिलाने का झांसा देता था और बेरोजगार युवकों के झांसे में आ जाने पर उनसे मोटी रकम वसूलता था।
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फर्जी नाम, पते पर खुलवाता था बैंक में खाते

एसटीएफ निरीक्षक ने बताया कि आरोपी धर्मेंद्र ने अब तक अपने बैंक खाते में लाखों रुपये लिए हैं। फर्जी आधार कार्ड व पैन कार्ड के जरिये विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था। ताकि पकड़ में न आ सके। बेरोजगार युवकों की जब नौकरी नहीं लगती थी और वह अपने रुपये मांगते थे, तो उन्हें दूसरे विभाग में नौकरी दिलाने की बात कहकर टाल मटोल करता था और मोबाइल बंद कर लापता हो जाता था। भेलूपुर इंस्पेक्टर सुधीर कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ प्राथमिक दर्ज की गई है। धर्मेंद्र के गिरोह के बारे में भी पूरी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। मोबाइल सीडीआर और व्हाट्सएप चैट, यूपीआई ट्रांजेक्शन आदि को खंगाला जा रहा है।
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