गुजरात के वडनगर में चल रहे तीन दिवसीय इंटरनेशनल कांफ्रेंस के दूसरे दिन बीएचयू के प्राचीन इतिहास विभाग और आईआईटी गांधीनगर सहित अन्य शिक्षण संस्थानों से शैक्षणिक समझौता सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इससे पहले बुधवार को उद्घाटन समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बीएचयू के साथ सांस्कृतिक अध्ययन की दिशा में योजना बनाए जाने का भी आश्वासन दिया।
बृहस्पतिवार को बीएचयू की टीम ने गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय का दौरा कर वहां कुलपति से मुलाकात कर शैक्षणिक व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। बीएचयू के प्राचीन इतिहास विभाग से शिक्षकों, शोध छात्रों की टीम 17 मई की शाम को वडनगर के लिए रवाना हुई थी। 18 से 20 मई तक चलने वाले कांफ्रेंस में पुरावशेषों पर अध्ययन से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा के साथ ही टीम के सदस्य पुरास्थलों का भी भ्रमण करेंगे। टीम के सदस्य डॉ. अशोक सिंह ने बताया कि दूसरे दिन जल स्रोत, जल संसाधन आदि विषयों पर चर्चा की गई। प्रश्नोत्तरी सत्र में बीएचयू के छात्रों ने वडनगर से जुड़े पर्यावरण-पारिस्थितिकी से जुड़े सवाल भी पूछे। इस दौरान प्रो. ओंकारनाथ सिंह, सुमन जैन आदि ने बौद्ध धर्म से जुड़े विषयों पर अपनी बात प्रमुखता से रखी।