फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छह दिन बाद रिटायर होने वाले थे राजकीय निर्माण निगम के महाप्रबंधक, सड़क हादसे में हो गई मौत

Mon, 24 Jun 2019 11:56 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
राजकीय निर्माण निगम वाराणसी के महाप्रबंधक एसके तायल (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

राजधानी लखनऊ में राजकीय निर्माण निगम वाराणसी के महाप्रबंधक एसके तायल और उनके ड्राइवर की सोमवार दोपहर एक एक्सीडेंट में मौत हो गई। उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

विज्ञापन


राजकीय निर्माण निगम वाराणसी के महाप्रबंधक एसके तयाल ने अशोक विहार कॉलोनी पहड़िया स्थित कार्यालय में 22 नवंबर 2018 को चार्ज लिया था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वे लखनऊ मुख्यालय से यहां आए थे और 30 जून को रिटायर होने वाले थे। कार्यालय के लोगों को घटना पर विश्वास नहीं हो रहा था। हर कोई कह रहा था कि वह रात को ही सबको निर्देश देकर गए थे।

सोमवार सुबह कार्यालय अधीक्षक नर्वदेश्वर झा ने बताया कि उन्हें 10 बजकर 46 मिनट पर फोन कर बैठकों की फाइल तैयार करने को कहा। कुछ ही घंटे बाद कार्यालय को पता चला कि उनकी मौत मोहनलालगंज के पास सड़क दुर्घटना में हो गई। वे लखनऊ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की बैठक में भाग लेने जा रहे थे।
विज्ञापन


कार्यालय के अनुसार, रविवार रात दस बजे तक काम करने के बाद फाइल लेकर वह अपने किराए के मकान में चले गए। सोमवार सुबह करीब छह बजे पहड़िया क्षेत्र की कृष्णाराज कॉलोनी स्थित आवास से गाड़ी से निकले। गाड़ी में ड्राइवर के अलावा पत्नी संगीता भी थीं।

तयाल की मौत की सूचना से कार्यालय में माहौल गमगीन हो गया। उनके साथ काम करने वाले सेवानिवृत्त इंजीनियर भी कार्यालय पहुंचे और उनके बारे में पूछने लगे। थोड़ी देर बाद कार्यालय में शोकसभा हुई और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

रिटायरमेंट पर विदाई समारोह की थी योजना :
रुंधे गले से कार्यालय के कर्मचारी शिवशंकर कन्नौजिया ने कहा कि वे मिलनसार और मृदुभाषी थे। किसी को डांटते नहीं देखा। किसी से तेज आवाज में बात भी नहीं करते थे। हर किसी से हालचाल पूछते थे। हम लोगों ने रिटायरमेंट पर विदाई समारोह की योजना बनाई थी, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। पता नहीं था कि ऐसी विदाई देनी पड़ेगी।

इस बार मंगल को साथ नहीं ले गए :
कार्यालय के लोगों ने बताया कि महाप्रबंधक जब कभी बाहर जाते थे तो वे अपने नौकर मंगल को साथ ले जाते थे। इस बार वे मंगल को लेकर नहीं गए। जब मंगल को हादसे की सूचना मिली तो वह भी मोहनलालगंज चला गया।

धार्मिक किताबें पढ़ने के शौकीन थे जीएम :
कार्यालय के जिस कमरे में एसके तयाल बैठते थे, उसमें ताला लगा था। लोगों ने कमरा खोला तो उसमें खाली कुर्सी के अलावा फाइलों के ढेर थे। ऊपर महाकवि कालिदास की पुस्तक कुमार संभवम् रखी थी। कार्यालय के लोगों ने बताया कि धार्मिक किताबें पढ़ने में उनकी रुचि थी। वह कोई काम पेंडिंग नहीं रखते थे। वह इंजीनियरों से भी कहते थे कि समय सीमा और गुणवत्ता का ध्यान रखा करो।
विज्ञापन

घटना के एक दिन पहले बाजार गई थी जीएम की पत्नी संगीता :
कृष्णाराज कालोनी पहड़िया स्थित आवास के प्रथम तल पर जिस कमरे में जीएम पत्नी के साथ रहते थे, उसमें ताला लगा था। मकान मालकिन पूनम तिवारी ने बताया कि वे लोग मूलरूप से बरेली के रहने वाले थे, लेकिन उनका पूरा परिवार लखनऊ के इंदिरा नगर में रहता है। उनके भैया-भाभी सूरत में रहते हैं। उनके भाई ओएनजीसी में इंजीनियर हैं। रविवार रात घरेलू सामान खरीदने संगीता बाजार गई थी। छह महीना पहले ही वे किराए पर यहां रहने आए थे। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें