वहीं, नव दुर्गा दर्शन के क्रम में विश्वनाथ गली स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर में भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। मंगला आरती के बाद से श्रद्धालुओं के दर्शन शुरू हुए, जो शयन आरती तक चला। किसी ने 108 बार परिक्रमा की तो किसी ने 51 व 21 फेरी लगाकर मां से मनोकामना पूर्ण करने की कामना की। महंत शंकर पुरी ने बताया कि अष्टमी में माता का गौरी रूप में दर्शन देती हैं। उधर, दुर्गा मंदिर, संकठा मंदिर, शीतला मंदिर, मां काली मंदिर, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, शैलपुत्री आदि देवी मंदिरों में दर्शन के लिए भीड़ रही।
शक्ति माता और ज्वाला देवी का शृंगार
महाष्टमी पर टकटकपुर-गायत्रीनगर मार्ग स्थित श्री शक्ति माता मंदिर में शृंगार हुआ। मंदिर के व्यवस्थापक राम प्रसाद बाबा ने विधि-विधान से हवन-पूजन और आरती की। किया गया। मंदिर परिसर में रंग-बिरंगे पुष्पों और आकर्षक सजावट की गई थी। पूजन में पवन, सोनू, जतन, लक्ष्मण, शौर्य चंद्रा और राजेश आदि रहे। वहीं, नदेसर-घौसाबाद स्थित मां ज्वाला देवी मंदिर में भी शृंगार कर विशेष पूजन-अर्चन हुआ।