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वासंतिक नवरात्र: मंगला गौरी और अन्नपूर्णा के दर्शन को गलियों में कतार, 108 बार लगाई परिक्रमा; लगे जयकारे

Fri, 27 Mar 2026 05:30 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी के देवी मंदिरों में 21 नारियल सहित गुझिया, मठरी, खुरमा का भोग लगाया गया। विधि-विधान से पूजन कर महिलाओं ने मंगला गौरी और महागौरी रूप में मां अन्नपूर्णा से सुखी दांपत्य जीवन की कामना की।
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गला गौरी और अन्नपूर्णा के दर्शन को गलियों में कतार। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Navaratri: वासंतिक नवरात्र के आठवें दिन बृहस्पतिवार को मंगला गौरी और महागौरी रूप में मां अन्नपूर्णा के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। मां मंगला गौरी के दर्शन के लिए मंदिर जाने वाली चार गलियों में कतार लगी रही। मां को 21 नारियल चढ़ाए गए। मां को प्रिय गुझिया, मठरी, खुरमा आदि भोग में अर्पित की। वहीं, अन्नपूर्णा मंदिर की गलियां भी भक्तों से पटी थीं। महिलाओं ने मां की 108 बार परिक्रम लगाई। मां के जयकारे गूंजते रहे।

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चैत्र नवरात्र की अष्टमी तिथि को मां मंगला गौरी में दर्शन-पूजन का विधान है। पंचगंगा घाट पर भगवान शिव को पाने के लिए तपस्या स्वरूप में खड़ी मुद्रा में सखियों संग मौजूद मां मंगला गौरी का ब्रह्म मुहूर्त में चार बजे मां का शृंगार हुआ। महंत पं. नारायण गुरु के आचार्यत्व में पंचामृत स्नान कर नवीन वस्त्र और आभूषण धारण करवाया गया। 

11 तरह के पुष्प, पांच प्रकार के फल, 11 किलो लड्डू आदि नैवेद्य चढ़ाकर मां का शृंगार हुआ। 21 नारियल अर्पित कर मंगला आरती के बाद भक्तों के दर्शन के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। मंदिर जाने वाली चार गलियों में दिन में 11 बजे तक भीड़ रही। दोपहर में एक से चार बजे बीच भोग आरती व शृंगार के बाद रात 11 बजे शयन आरती हुई। महिलाओं ने यश, कीर्ति, संतान की प्राप्ति, वैभव और दांपत्य सुख की कामना की।

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वहीं, नव दुर्गा दर्शन के क्रम में विश्वनाथ गली स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर में भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। मंगला आरती के बाद से श्रद्धालुओं के दर्शन शुरू हुए, जो शयन आरती तक चला। किसी ने 108 बार परिक्रमा की तो किसी ने 51 व 21 फेरी लगाकर मां से मनोकामना पूर्ण करने की कामना की। महंत शंकर पुरी ने बताया कि अष्टमी में माता का गौरी रूप में दर्शन देती हैं। उधर, दुर्गा मंदिर, संकठा मंदिर, शीतला मंदिर, मां काली मंदिर, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, शैलपुत्री आदि देवी मंदिरों में दर्शन के लिए भीड़ रही।
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शक्ति माता और ज्वाला देवी का शृंगार
महाष्टमी पर टकटकपुर-गायत्रीनगर मार्ग स्थित श्री शक्ति माता मंदिर में शृंगार हुआ। मंदिर के व्यवस्थापक राम प्रसाद बाबा ने विधि-विधान से हवन-पूजन और आरती की। किया गया। मंदिर परिसर में रंग-बिरंगे पुष्पों और आकर्षक सजावट की गई थी। पूजन में पवन, सोनू, जतन, लक्ष्मण, शौर्य चंद्रा और राजेश आदि रहे। वहीं, नदेसर-घौसाबाद स्थित मां ज्वाला देवी मंदिर में भी शृंगार कर विशेष पूजन-अर्चन हुआ।
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