पेट्रोल पंप पर कार्यरत कर्मचारियों के मुताबिक, जो लोग कल तक 100 रुपये का पेट्रोल डलवाते थे, बृहस्पतिवार को उन्होंने 500 रुपये का पेट्रोल लिया है। वहीं कई लोगों ने कार के भी टैंक फुल करा लिए। आपूर्ति विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जिले में प्रतिदिन पेट्रोल की औसत बिक्री 520 लीटर की है, वहीं डीजल की प्रतिदिन की औसत खपत 641 लीटर है। बीते 48 घंटों में इसकी खपत चार गुना तक बढ़ गई है।
पेट्रोल पंप संचालकों के मुताबिक, बृहस्पतिवार की सुबह सर्वर की समस्या के कारण इनवॉइस लोडिंग में कुछ देरी हुई। इस वजह से 2-3 पंपों पर पेट्रोल समाप्त हो गए। इसके कारण भी अफवाहों को बल मिल गया। अभी हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी) के करीब 35 पेट्रोल पंप पर सर्वर की समस्या के कारण पेट्रोल मिलने में देरी हो रही है। जिले में इसके कुल 35 पेट्रोल पंप संचालित हैं। अन्य पेट्रोल पंप पर किसी प्रकार की समस्या नहीं है।
पहले एडवांस दो फिर पेट्रोल लो
तेल आपूर्ति की चुनौतियों के बीच पेट्रोल पंप संचालकों को क्रेडिट पेट्रोल और डीजल मिलना बंद हो गया है। वाराणसी पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अब पेट्रोल और डीजल एडवांस पेमेंट देने पर ही मिल रहे हैं। हालांकि, इस आदेश का विरोध करने पर इंडियन ऑयल से तीन दिनों का उधार पेट्रोल डीजल देने पर सहमति बनी है। अन्य कंपनियां अभी भी उधार देने को तैयार नहीं हैं।
सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो देखकर अफवाहों को बल मिल रहा है। बीते 48 घंटों में पेट्रोल पंपों पर चार-गुना पेट्रोल और डीजल की खपत बढ़ गई है। जहां भी पेट्रोल-डीजल समाप्त हो रहे हैं, वहां 1-1.5 घंटे के भीतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। - अमित कुमार मालवीय, एडीएम आपूर्ति।