भाला फेंक में अभ्यास के लिए रोज 20 किमी साइकिल चलाती हैं वर्षा
अभी हाल ही में पहली बार आयोजित अंडर-23 यूपी एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 41 मीटर भाला फेंक कर रजत पदक जीतने वाली लठिया निवासी वर्षा वर्मा इनदिनों 20 किलोमीटर रोजाना साइकिल चलाकर बीएचयू के साई सेंटर में अभ्यास करने आती हैं। 2014 से जैवलिन थ्रो की शुरुआत करते हुए सात बार नेशनल मेडल जीत चुकी वर्षा बताती हैं इन दिनों हॉस्टल बंद होने से रोज अभ्यास के लिए साइकिल से आना जाना पड़ता है। नौ बार के नेशनल प्रतियोगिता में दमखम दिखाने वाली चार बहनों में सबसे छोटी वर्षा आगामी राष्ट्रीय और विश्व एथलेटिक्स चैंपियन की तैयारी कर रही हैं। सिलाई का काम करने वाले पिता अनिल कुमार वर्मा बेटी की हर जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।
परिवार और पड़ोसियों के ताने के बाद लोहा उठाकर लोहा मनवाया
जिमनास्टिक से वेटलिफ्टिंग में जोर आजमाइश करने वाली कतुआपुरा निवासी वेटलिफ्टर स्वाति सिंह बताती हैं कि जब उन्होंने 2005 में जिमनास्टिक छोड़ वेटलिफ्टिंग में जोर आजमाइश शुरू की तो परिवार और आस पड़ोस के लोगों ने ताने मारे कि लड़की होकर लोहा उठाने का खेल खेलती है। इसके बावजूद स्वाति सिंह ने लोगों बातों को अनसुना करके संघर्ष किया 10 बार से अधिक राष्ट्रीय प्रतियोगिता, छह बार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और दो बार कॉमनवेल्थ में प्रतिभाग करते पदक जीतकर आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। फिलहाल स्वाति पटियाला में कॉमनवेल्थ 2022 की तैयारी कर रही हैं।