Varanasi News : सदन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आंबेडकर को लेकर एक बयान दिया था। इसके बाद पूरे देश में विपक्षी पार्टियां अपने-अपने तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रही हैं। इसके साथ ही राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
समाजवादी पार्टी ने आंबेडकर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की टिप्पणी के विरोध में शनिवार को एडीएम सिटी आलोक वर्मा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें गृहमंत्री को पद से हटाने तथा जनता से उनके द्वारा क्षमा मांगने मांग की गई।
विज्ञापन
सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल ने कहा कि संसद में गृहमंत्री अमित शाह द्वारा भारत रत्न बाबा साहब भीमराव आंबेडकर पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। इससे पिछडे़, दलित, वंचित एवं शोषित जनमानस को गहरा आघात पहुंचा है।
विज्ञापन
गृहमंत्री की इस टिप्पणी से दलितों व पिछड़ो के प्रति भाजपा की संविधान विरोधी मानसिकता प्रकट होती है। सपा के इस अभियान का उद्देश्य लोकतंत्र एवं संविधान बचाना तथा भाजपा की दलित एवं पिछडे़ वर्ग विरोधी मानसिकता उजागर करनी है।
ज्ञापन देने से पहले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता लाल बहादुर शास्त्री वरुना पुल से कचहरी अंबेडकर स्मारक पार्क तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे।
सयुस के प्रदेश महासचिव किशन दीक्षित ने कहा कि संविधान निर्माता बाबा साहब का अपमान किया गया है, इसके लिए संसद में गृह मंत्री द्वारा अपना इस्तीफा देना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि, सपा कार्यकर्ता इस अपमान को कतई सहन नहीं करेगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सुजीत यादव 'लक्कड़', सपा प्रवक्ता संतोष यादव 'बबलू', रीबू श्रीवास्तव, मनोज राय धूपचण्डी, लालू यादव आदि रहे।