इसका इस्तेमाल नशे के रूप में होता है, जिसकी मांग पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में है। इसी फायदे को देखकर शुभम जायसवाल के कहने पर अपनी फर्म जीएल सर्जिकल सप्तसागर दवा मंडी में शैली ट्रेडर्स से कोडीन युक्त फेंलेडिलल कफ सिरप की लगभग 1 लाख शीशी की खरीद बिक्री की। जिसकी कीमत करोड़ों में थी। खरीदने के बाद अन्य फर्म में फर्जी बिक्री दिखाकर ऊंचे दाम में बेचा गया।
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मुख्यमंत्री ने लिया था सदन में अमित का नाम
कोडीन युक्त कफ सिरप के खुलासे के दौरान विपक्ष द्वारा घेरे जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दिसंबर में सपा नेता अमित यादव का सदन में नाम लिया था। अखिलेश यादव के साथ उसकी फोटो भी साझा की थी। इसके बाद से ही अमित की गिरफ्तारी तय मानी जा रही थी। दो माह से एसटीएफ लखनऊ इकाई की टीम अमित यादव के करीबियों को रडार पर ली थी। अमित सिंह टाटा और आलोक सिंह एसटीएफ, विभोर राणा, विशाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद से ही अमित यादव का नाम आया था। वाराणसी में अमित यादव अधिवक्ता भी है।