सपा में अंर्तकलह के बाद जहां पार्टी का नेतृत्व डैमेज कंट्रोल में लगा है, वहीं काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ चुनाव में 1183 वोट से समाजवादी छात्र सभा के प्रत्याशी अनूप सोनकर की जीत से पार्टी को संजीवनी मिली है। इस जीत को सपा अगले विधानसभा चुनाव में अपनी लोकप्रियता बनाते हुए इसका प्रचार करेगी। उधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पैनल से महामंत्री चुने गए समीर मिश्रा ने संगठन की लाज बचा ली तो कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के उम्मीदवार ने उपाध्यक्ष पद पर छात्र सभा के प्रत्याशी को कड़ी टक्कर देकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी।
इस समय सभी दल विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति बना रहे हैं। इसी बीच विद्यापीठ छात्रसंघ के चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद सपा के स्थानीय नेता गदगद है। वे इसे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जोड़कर देख रहे हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सहित राष्ट्रीय नेतृत्व को इसकी जानकारी दे दी गई है। बता दें कि गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में भी सछास ने अभाविप के उम्मीदवार को पराजित किया था। दो विश्वविद्यालयों में जीत से गदगद सछास पदाधिकारियों ने अब पूर्वांचल विश्वविद्यालय तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव जीतने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रशांत राय दूसरे स्थान पर रहे। हालांकि महामंत्री पद पर अभाविप के समीर मिश्रा ने 149 वोट से जीत हासिल कर ली। यहां एनएसयूआई के विकास तिवारी दूसरे पायदान पर रहे। उपाध्यक्ष और महामंत्री पद पर एनएसयूआई ने सछास और अभाविप को कड़ी चुनौती दी। एनएसयूआई प्रत्याशियों को जिताने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत कई पदाधिकारी काशी में दो दिन तक डेरा डाले रहे, मगर एनएसयूआई के खाते में एक भी सीट नहीं आ सकी। उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के कृष्णवीर सिंह 34 मतों से चुनाव हार गए।