लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन राज्यमंत्री सुरेंद्र पटेल को मंगलवार को शहर की खस्ताहाल सड़कों और शहर में किए जा रहे नियम विरुद्ध निर्माणों की याद आ गई। सर्किट हाउस में बैठक कर उन्होंने आला अधिकारियों को 30 सितंबर तक शहर की सड़कों को मरम्मत कराने का फरमान सुना दिया। कहा कि तीन अक्तूबर से शुरू हो रहे बौद्ध महोत्सव और दशहरा के मद्देनजर मेहमानों को सड़कों के कारण परेशानी न होने पाए। वीडीए के अधिकारियों को भी बहुमंजिला भवनों के नक्शा स्वीकृत करने पर लताड़ लगाई। मंत्री ने ट्रांसपोर्ट नगर योजनांतर्गत उन काश्तकारों को, जिन्होंने अब तक अपने भूखंड का मुआवजा नहीं लिया है, को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा देने के लिए विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने का निर्देश भी दिया। बता दें कि सड़कों की मरम्मत के लिए कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और डीएम विजय किरन आनंद विभागीय अधिकारियों को पहले ही 30 सितंबर तक सड़कों की मरम्मत का आदेश दे चुके हैं।
पटेल ने कैंट-लंका, छित्तूपुर-टिकरी, लंका-नरिया, सुसुवाहीं-करौदी सड़क मार्ग की जिलाधिकारी विजय किरन आनंद द्वारा कराई गई जांच में खराब गुणवत्ता की शिकायत पर लोनिवि के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि ठेकेदार को नोटिस देकर खराब सड़कों को एक सप्ताह के अंदर मानक के अनुरूप पुन: बनवाएं। इसके बाद टीएसी से गुणवत्ता की जांच कराते हुए प्रयुक्त मैटेरियल की जांच भी एक सप्ताह के अंदर कराई जाए। जांच में खामी मिले तो ठेकेदार सहित संबंधित जेई के विरुद्ध भी एफ आईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, जिला परिषद, एनएच आदि की सभी सड़कों के निर्माण कार्य के गुणवत्ता की जांच एक साथ अभियान चलाकर कराने तथा ठेकेदार सहित दोषी अभियंताओं के विरुद्ध एफआईआर कराने का निर्देश दिया।
लंका-नरिया मार्ग पर बने सीसीरोड पर बीटवीन कराए जाने की जानकारी पर मंत्री ने इसमें घोटाले की आशंका जताई। कार्यदाई संस्था के अभियंता एवं ठेकेदार के मौजूदगी में सैंपलिंग कराने का निर्देश दिया। वीडीए उपाध्यक्ष को निर्देशित किया कि मॉल एवं व्यावसायिक कांपलेक्स के बेसमेंट को नोटिस जारी कर हर हाल खाली कराएं तथा यदि बेसमेंट में दूकानें बनाई गई हैं, तो उन्हें सख्ती से ध्वस्त कराएं। बहुतायत में निर्मित हो रहे बहुमंजिले भवनों को संज्ञान लेते हुए उपाध्यक्ष वीडीए को इस पर कड़ाई बरतने का निर्देश दिया। पूछा, सड़क, सीवर, पेयजल, बिजली की सुविधाओं के बगैर इन बहुमंजिला भवनों के मानचित्र कैसे स्वीकृत कर रहे हैं? बैठक में मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण, वीडीए उपाध्यक्ष पीसी श्रीवास्तव, नगर आयुक्त डॉ. हरि प्रताप शाही, लोनिवि के अभियंता भी मौजूद रहे।