उसके पिता द्वारा भी उस पर अत्याचार किया जा रहा था। सन 2012 में मां का देहांत के बाद 2013 में पिता ने उसके साथ अश्लील हरकतें की। जब विरोध किया तो बिना कपड़ों के ही छत से फेंक दिया था। बाद में पिता ने घर से निकाल दिया तो वह सहेली की मदद से दिल्ली के एक ब्यूटी पार्लर में नौकरी कर रही थी।
लॉकडाउन के कारण उसे घर वापस लौटना पड़ा। हादसे में चोटिल होने के बाद से वह घर पर ही थी। 22 अक्तूबर को यूपी के मंदावली अस्पताल से उपचाराधीन युवती को एंबुलेंस द्वारा करनाल लाया गया, जिसकी यहां रविवार को सर्जरी की गई।
सोनू सूद की टीम भी लगातार फोन करके हालात जान रही है। अस्पताल के न्यूरो रिकवरी विभाग के टीम सदस्य जसबीर ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा। सर्जरी के कारण युवती से बात नहीं करवा सकते।