मां और बच्चों के संबंध को तार-तार कर देने वाला अमानवीय मामला सामने आया है। बेरोजगार चार बेटों, एक बेटी और एक बहू ने गुजर-बसर का कोई आसरा नहीं देखा तो 13 हजार रुपये पेंशन पाने वाली 80 वर्षीय बूढ़ी मां की मौत के बाद अंतिम संस्कार ना करके केमिकल युक्त लेप लगाकर शव घर पर ही रख लिया।
तकरीबन चार माह दस दिन बाद बुधवार को दुर्गंध से आसपास के लोगों का जीना मुहाल हुआ तो सौ नंबर पर सूचना दी गई और पुलिस आई। वृद्धा के सड़े-गले बदबूदार शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने में पुलिस को चारों बेटों और बेटी के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
इस दौरान मौके पर तमाशबीनों की भारी भीड़ उमड़ी रही और लोग बेटों-बेटी को कोसते नजर आए। वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र के कबीर नगर स्थित आवास विकास कॉलोनी के चार मंजिला इमारत के भूतल पर बने फ्लैट में कस्टम विभाग से सेवानिवृत्त अधीक्षक दया प्रसाद परिवार के साथ रहते थे।
दया प्रसाद की वर्ष 2000 में मौत हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी अमरावती देवी और बेटा रवि प्रकाश, देव प्रकाश, ज्योति प्रकाश, योगेश्वर प्रकाश, गिरीश प्रसाद और विजय लक्ष्मी साथ रहते थे। अमरावती को प्रतिमाह मिलने वाली पेंशन से परिवार का खर्च चलता था। ज्योति प्रकाश और देव प्रकाश को छोड़कर अन्य किसी का विवाह नहीं हुआ है।
अधिवक्ता ज्योति प्रकाश ने बताया कि बीते साल नवंबर महीने में मां की तबीयत खराब हुई तो बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया। 14 जनवरी को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया तो शव को घर ले आए और अंतिम संस्कार की तैयारी की जाने लगी।
इसी दौरान विजय लक्ष्मी, रवि, गिरीश, योगेश्वर और देव ने कहा कि मां के मस्तिष्क में जान है। इसके साथ ही, अमरावती देवी के शव को चौकी पर रखकर कोई लेप लगाया गया और कमरे को ठंडा रखने के लिए एसी लगवाया गया।
ज्योति ने बताया कि उन्होंने विरोध किया तो भाई-बहन ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद ज्योति घर छोड़ कर किराये के मकान में रहने लगे।
इस बीच लंका स्थित सेंट्रल बैंक के अमरावती देवी के खाते से रुपये निकाले जाते रहे।
आखिरी बार रवि प्रकाश ने 17 मई को मां का इलाज कराने के नाम पर खाते से 40 हजार रुपया निकाला था और 76 हजार रुपया बचा है। बुधवार की सुबह सौ नंबर पर आए फोन के आधार पर सीओ भेलूपुर मौके पर पहुंचे और पूछताछ शुरू की।
चारों भाई, एक बहू और बहन ने कहा कि उनकी मां जिंदा है और पुलिस के आने का विरोध करने लगे। हालांकि किसी की एक न सुनते हुए पुलिस मकान में घुसकर दुर्गंधयुक्त शव को बाहर निकलवाई।
इस संबंध में सीओ भेलूपुर एपी सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह और समय स्पष्ट होने के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। कस्टम विभाग को पत्र लिखकर अमरावती देवी की मौत के बाद ली गई पेंशन की रकम को वसूलने के लिए कहा जाएगा।