तत्कालीन, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद की सबसे पुरानी तापीय परियोजना रही ओबरा के चल रहे विस्तारीकरण के तहत प्रस्तावित ओबरा-डी के निर्माण के बाद ओबरा परियोजना की कुल क्षमता 3920 मेगावाट हो जाएगी। ओबरा-डी के लिए एनटीपीसी द्वारा ओबरा कॉलोनी परिसर के लिहाज से फिजीबिलिटी रिपोर्ट व डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जा रही है।
योजना के तहत परियोजना कॉलोनी के सभी सेक्टरों का टोपोग्राफिकल सर्वे शुरू हो चुका है। उत्पादन निगम द्वारा परियोजना कालोनी के सेक्टर 1, 2, 3, 4, 8 एवं 9 का टोपोग्राफिकल सर्वे कराया गया है। इस सर्वे का उपयोग प्रस्तावित ओबरा-डी के लिए बनाए जाने वाले फिजिबिलिटी रिपोर्ट व डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में किया जा रहा है।
फिलहाल नए प्रस्ताव के तहत 2027 तक पहली इकाई और 2030 तक दूसरी इकाई के स्थापना की योजना है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक अदालत वर्मा ने बताया कि इन नई इकाइयों की स्थापना के बाद ओबरा तापीय परियोजना 80 के दशक के बाद एक बार फिर एशिया में सबसे अधिक बिजली उत्पादन करने वाली बिजली परियोजनाओं में शामिल हो जाएगी।