मृत रामसुंदर की पत्नी सीता का कहना था कि पति की मौत होने के बाद वह नाबालिग बच्चों लल्लू, पिंटू, मनोज, विनोद, मनीषा और लोलारक का भरण पोषण कैसे करेगी, इस बात की चिंता उसे सता रही है। बच्चों को दो वक्त की रोटी देने के लिए सोचना पड़ रहा है। उसका कहना था कि पति का अंतिम संस्कार करने के लिए किससे मदद मांगे, कुछ समझ नहीं आ रहा।
गोलीकांड में जान गंवाने वाले राजेश की पत्नी प्रतिभा ने कहा कि नाबालिग बच्चों राजकुमारी, तारा और अंकुश का भरण पोषण करना उसके लिए चुनौती है। यहीं हाल अन्य मृतकों के आश्रितों का है। आश्रितों ने कहा कि शासन और जिला प्रशासन सिर्फ मदद के नाम भरोसा दे रहा है। अभी तक अंत्येष्टि के लिए भी आर्थिक मदद नहीं की गई है।