नोटबंदी के बाद पुराने नोट जमा करने, बदलने के मामले में कई और बड़े कारोबारी आयकर विभाग की नजर में हैं। मंगलवार की देर रात रामकटोरा आैर लहरतारा में जर्दा कारोबारियों के यहां छापे से बड़े कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। जल्द ही पूर्वांचल के कुछ और बड़े कारोबारी आयकर विभ्ााग की कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। दरअसल, पूर्वांचल के 19 जिलों के बैंकों से संदेहास्पद खातों का ब्योरा विभाग के पास पहुंच गया है।
विभाग की जांच शाखा इनके रिकार्ड खंगालने में जुटी है। आठ नवंबर के बाद एक करोड़ रुपये से अधिक ट्रांजेक्शन वाले खाते विभाग के रडार पर हैं। अब तक वाराणसी, इलाहाबाद, गोरखपुर, गाजीपुर में ऐसे मामलों में विभाग ने अघोषित आय की जांच की है। जनधन खातों में जमा-निकासी का अलग ब्योरा तैयार किया गया है। उसकी अलग जांच चल रही है। बनारस स्थित आयकर विभाग की जांच शाखा ने बनारस, गोरखपुर, इलाहाबाद, कुशीनगर समेत 19 जिलों में बैंकों से रिकार्ड तलब किया था। जनधन, बचत, चालू आदि खातों में जमा/ बदले गए नोटों का खातावार विवरण प्राप्त होने के बाद अब आयकर विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी महीने की 13 दिसंबर को गाजीपुर में एक चाय विक्रेता के जनधन खाते में जमा 27 लाख रुपये सीज कर दिए थे। इसकी पुष्टि अपर निदेशक जांच अभय ठाकुर ने 14 दिसंबर को पत्रकारों से बातचीत में की थी। वाराणसी, इलाहाबाद और गोरखपुर में भी अघोषित आय के मामले विभाग की नजर में हैं। गोरखपुर के एक एमआरआई सेंटर सहित कुछ बड़े शोरूम में सर्वे भी हो चुका है। इसी तरह कई और जिलों में कार्रवाई शुरू हो गई है।
विभाग की जांच शाखा की ओर से जो रिकार्ड तलब किए गए हैं, उसके आधार पर तीन श्रेणी में जांच हो रही है। इसमें जनधन खाते का दुरुपयोग, एक करोड़ से अधिक के लेन-देन वाले सभी खातों के साथ ही कुछ संदेहास्पद खातों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। बनारस, चंदौली, संत रविदास नगर, जौनपुर, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, संत कबीरनगर, इलाहाबाद, सोनभद्र, फतेहपुर, मिर्जापुर आदि वाराणसी कार्यालय के अंतर्गत शामिल हैं।
नोटबंदी के फैसले के बाद से आरबीआई की ओर से यहां 2900 करोड़ रुपये की करेंसी तो भेजी गई है लेकिन इनमें दो हजार के नोट अधिक होने से बाजार में फुटकर का संकट गहराने लगा है। इक्का-दुक्का एटीएम कभी-कभार सौ और पांच सौ के नोट भले मिल जाएं लेकिन अधिकतर एटीएम पर 2000 के ही नोट निकल रहे हैं। इससे लोगों को कैश तो मिल जा रहा है लेकिन छुट्टे पैसों के लिए मुसीबत खड़ी हो जा रही है।
22 दिसंबर को पीएम के बनारस आने से पहले आरबीआई ने 16 दिसंबर को 2700 करोड़ और उसके बाद 23 दिसंबर को 200 करोड़ रुपये भेजे थे। बैंक अधिकारियों की मानें तो इनमें 500 और 100 के नोट बहुत कम हैं। बैंकों के साथ ही एटीएम पर भी दो हजार के ही नोट अधिक मिल रहे हैं। लंका, भेलूपुर, लहुराबीर, लहरतारा, मलदहिया, सिगरा आदि जगहों पर मंगलवार को भी दो हजार के ही नोट निकलते रहे। अग्रणी बैंक प्रबंधक रंजीत सिंह का कहना है कि पांच सौ की करेंसी अभी पर्याप्त उपलब्ध नहीं है। अब जो करेंसी आएगी, उसमें पांच सौ के नोट अधिक होंगे। जिले में अब कैश को लेकर स्थिति सामान्य है।