फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2 दिन पहले सरहद की सुरक्षा के लिए घर से गए थे रमेश, पुलवामा हमले में हुए शहीद

Fri, 15 Feb 2019 02:38 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
ramesh yadav
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को आतंकी हमले में शहीद होने वालों में जिले के चौबेपुर क्षेत्र के तोफापुर के लाल रमेश यादव (26) भी हैं। सीआरपीएफ के जवान रमेश देश की सीमा की सुरक्षा के लिए रमेश 12 फरवरी को घर से रवाना हुए थे। गुरुवार की शाम फ़ोन आया कि रमेश शहीद हो गए हैं तो बूढ़े पिता किसान श्याम नारायण गश खाकर जमीन पर गिर पड़े जबकि पत्नी रेनू अचेत हो गई।

विज्ञापन


पत्नी को फोन कर पूंछा था हालचाल 
61 बटालियन सीआरपीएफ में तैनात रमेश यादव ने अपनी पत्नी रेनू को घर से जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना होने के बाद रास्ते से फोन किया था। अचेत हुई रेनू होश में आने पर बिलखते हुई बार-बार यही कह रही थी कि उन्होंने कहा था कि बेटे के साथ ही पिता और परिवार के लोगों का ध्यान रखना...। मैं सरहद पर देश की हिफाजत करूंगा और तुम अच्छे से घर-परिवार को संभालो...। 

Trending Videos
विज्ञापन

रेनू बोली- अब किसके सहारे जियेंगे हम और हमारा बेटा
अब मैं किसको देखूं... किसे संभालूं... किससे क्या कहूं... हे भगवान ये क्या किया... हमने किसके क्या बिगाड़ा था... हमारे साथ ऐसा क्यों हुआ...। 
परिजनों ने बताया कि रमेश का बड़ा भाई राजेश कर्नाटक में दूध का व्यवसाय करता है। पिता शयमनारायण घर पर रह कर खेती-किसानी का काम करते हैं।

गुरुवार की रात आठ बजे फोन आया तो रमेश के शहीद होने की जानकारी मिली। रमेश की शहादत की सूचना मिलते ही उनके परिजनों के साथ ही गांव में कोहराम मचा हुआ था। ग्रामीण देर रात तक रमेश के घर के बाहर इकट्ठा थे और एक-दूसरे को दिलासा दे रहे थे कि शायद सूचना झूठी निकल जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें