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देश की रक्षा करते शहीद हो गया चंदौली का अवधेश, 2006 में सीआरपीएफ में हुए थे भर्ती

Fri, 15 Feb 2019 02:21 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पड़ाव/ चंदौली
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avdhesh yadav
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पुलवामा में हुए आतंकी हमले में बृहस्पतिवार को पड़ाव क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी अवधेश यादव उर्फ दीपू शहीद हो गए। वह तीन दिन पहले मंगलवार को घर से ड्यूटी पर गए थे।

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गुरुवार देर रात तक घर वालों को उनके शहीद होने की सूचना नहीं दी गयी थी। हालांकि घटना की जानकारी होने के बाद से ही ग्रामीणों का उनके घर पर जमावड़ा होने लगा था।

बहादुरपुर गांव के हरिकेश यादव के चार बेटे बेटियों में अवधेश सबसे बड़े थे। वर्ष 2006 में वह सीआरपीएफ की 145वीं बटालियन में भर्ती हुए थे। परिवार में पिता के अलावा मां मालती देवी हैं जो कैंसर से पीड़ित हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है।
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छोटा भाई बृजेश यादव पढ़ाई कर रहा है। अवधेश की शादी तीन साल पहले सैयदराजा के पूरवा गांव निवासी जनार्दन यादव की बेटी शिल्पी के साथ हुई थी। उन्हें 3 साल का एक बेटा निखिल है।

बृहस्पतिवार को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में वह शहीद हो गए। उनके शहीद होने की सूचना पर सहसा लोगों को भरोसा नहीं हुआ। लोग एक दूसरे से जानकारी लेने लगे। देर रात तक लोगों का जमावड़ा हो गया।

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मां को पता ही नहीं था बेटा देश पर कुर्बान हो गया
पुलवामा में आतंकी हमले में चंदौली जिले के बहादुरपुर गांव के अवधेश यादव भी देश की सुरक्षा के लिए कुर्बान हो गए। शाम को जानकारी होते ही ग्रामीण उनके घर पहुंचने लगे थे।

कैंसर पीड़ित उनकी मां मालती देवी को सांत्वना दी कि बेटे को कुछ नहीं हुआ है पर मां की पथराई आंखें बेटे को ढूंढ रही थी शायद उस वक्त उन्हें पता नहीं था कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हो चुका है।

वही पत्नी शिल्पी यादव पुत्र निखिल को बार-बार देखती और रो-रो कर बेहोश होती जा रही थी उसका कहना था कि अभी 3 दिन पूर्व ही वे जल्दी ही लौटने का वादा करके ड्यूटी पर गए थे हमें विश्वास नहीं है कि वे शहीद हो गये हैं।

वहीं बूढ़े पिता हरिकेश यादव का रो रो कर बुरा हाल हो गया था। ग्राम प्रधान श्रीवाश्रय यादव पूर्व प्रधान विरेन्द्र यादव और अन्य ग्रामीण उन्हें संभालने में लगे थे। कहा कि बेटा देश की आन बान शान के लिए शहीद हुआ है।
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