बैठक में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि वही अधिकारी थानाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे, जो उत्कृष्ट प्रदर्शन, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, प्रभावी अपराध नियंत्रण और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण में बेहतर कार्य करेंगे। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि नए भर्ती आरक्षियों को प्रतिदिन छह घंटे इनडोर और छह घंटे आउटडोर प्रशिक्षण देकर बीट ड्यूटी, जनसंपर्क और थाना स्तर के कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाए।
यातायात व्यवस्था की समीक्षा के दौरान आरटीसी योजना के तहत दस प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखने, ट्रैफिक मार्शलों के समन्वय और तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट तथा रांग साइड चलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर शून्य करने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया।
इसके अलावा महिला अपराधों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने, गोतस्करी, चोरी, एनडीपीएस और साइबर अपराधियों पर गैंगस्टर व गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करने, आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और जनप्रतिनिधियों व व्यापारियों से नियमित संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।