क्षेत्राधिकारी जयशंकर मिश्र ने बताया कि मुनीराम ने खेत की घास और खरपतवार को नष्ट करने के लिए उसमें दवा डाली थी। घास सूखने के बाद उन्होंने उसमें आग लगा दी। भीषण गर्मी और तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई और पास स्थित मछली पालन वाले पोखरे तक पहुंच गई। पोखरे के चारों ओर लगी जालियों में भी आग पकड़ ली।
बताया गया कि मुनीराम आग बुझाने के लिए पास से पानी लेकर जालियों पर डाल रहे थे। इसी दौरान अचानक वह वहीं गिर पड़े और आग की चपेट में आ गए। आसपास कोई मौजूद नहीं होने के कारण समय पर उन्हें बचाया नहीं जा सका और जलने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि मुनीराम शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और कुछ दिन पहले ही गांव आए थे।