Varanasi News: बिहार में शराब बंदी के बाद से तस्करों का नेटवर्क बनारस तक फैला हुआ है। बिहार जाने वाली ट्रेनों में जुगाड़ के जरिये शराब पहुंचाने की जुगत में रहते हैं। खास बात यह कि अब तक होने वाली गिरफ्तारियों में 99 प्रतिशत बिहार के ही हैं।
रेल के रास्ते जहरखुरानी की घटनाएं कम हुई हैं, लेकिन शराब की तस्करी बढ़ गई है। कैंट जीआरपी ने ढाई वर्ष के अंदर 789 लीटर अंग्रेजी शराब की खेप बरामद की है। 83 मुकदमों में 92 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। सबसे अधिक बरामदगी सर्कुलेटिंग एरिया और बिहार जाने वाली ट्रेनों से हुई है।
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कैंट जीआरपी की ओर से पकड़ी गई अंग्रेजी और बियर की खेप थाने के मालखाने में जमा है। कैंट जीआरपी इंस्पेक्टर हेमंत सिंह ने बताया कि साल 2022 में सबसे अधिक 50 मुकदमे शराब के दर्ज हुए। 2023 में 25 और अब तक अप्रैल में 8 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। चार लाख 62 हजार की शराब पकड़ी जा चुकी है।
स्टेशन पर एक साल में दो करोड़ नकदी पकड़ी गई
रेल के रास्ते नकदी की तस्करी को भी रोका गया। पिछले एक साल में दो करोड़ से अधिक नकदी की बरामदगी हुई है। होली से पहले सात मार्च को एक करोड़ रुपये और सात माह पूर्व विदेशी मुद्रा की बरामदगी भी इसमें शामिल है।
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इनकी भी सुनें
लोकसभा चुनाव को देखते हुए ट्रेनों में स्कॉर्ट को सतर्क किया गया है, चेकिंग बढ़ाई गई है। स्टेशन परिसर में भी निगाह रखी जा रही है। अवैध शराब, नकदी की बरामदगी के लिए टीम को निर्देशित किया गया है। - हेमंत सिंह, इंस्पेक्टर जीआरपी कैंट