कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, पाकिस्तान में 1947 में अल्पसंख्यक 23 प्रतिशत थे और अब घट कर तीन प्रतिशत रह गए। इसके बावजूद कांग्रेस के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। पाकिस्तान में कितनी ही बेटियों को उठाया गया, दुष्कर्म किया गया। जबरिया शादी की गई और धर्म परिवर्तन कराया गया, लेकिन कांग्रेस कुछ नहीं बोली।
उन्होंने कहा, कांग्रेस आपराधिक तत्वों के साथ खड़ी है। इमरजेंसी में अटल बिहारी बाजपेयी और चौधरी चरण सिंह को जेल में डालने वाली कांग्रेस ने करीम लाला को खुला छोड़ा था। इन लोगों ने राष्ट्रीय एकता और मानवता के संदेशवाहक वीर सावरकर को महाराष्ट्र में गाली दी और और पुस्तक प्रकाशित की। कांग्रेस को 72 साल बाद भी धर्म के आधार पर देश के बंटवारे पर जवाब नहीं सूझता है।