वाराणसी जिले में सारनाथ स्थित मिनी जू की सूरत अब बदलने वाली है। वन विभाग इसे प्रदेश के मॉडल चिड़ियाघर के रूप में विकसित करने जा रहा है। वर्तमान में 2.5 लाख पर्यटकों के फुटफॉल और 50 लाख रुपये के राजस्व वाले इस जू में अब जानवरों को प्राकृतिक बाड़ों में रखा जाएगा। आधुनिक अस्पताल, प्रजनन केंद्र और एआई कैमरों जैसी सुविधाओं के साथ-साथ यहां बच्चों के लिए बटरफ्लाई पार्क और एक्वेरियम का भी निर्माण होगा। इसके लिए विभाग की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
यहां जानवरों की संख्या बढ़ाने के साथ ही पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यहां जानवरों को पिंजरों के बजाय ऐसे बाड़ों में रखा जाएगा, जहां उन्हें प्राकृतिक वातावरण जैसा महसूस हो।
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इसके अलावा पर्यटकों को भी ऐसा अनुभव कराया जाएगा, जैसे वे इन पशु-पक्षियों के बीच से होकर गुजर रहे हों। चिड़ियाघर परिसर में ही पशु-पक्षियों के लिए एक उन्नत अस्पताल, ऑपरेशन थियेटर और पोस्टमार्टम रूम मौजूद होगा।
क्या बोले अधिकारी
पर्यटकों की संख्या और राजस्व में में वृद्धि को देखते हुए हम बुनियादी ढांचे को पूरी तरह डिजिटल कर रहे हैं। क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन बुकिंग और एआई कैमरों से निगरानी न केवल प्राणियों की सुरक्षा भी करेगी। पूरी परियोजना पर्यटकों का समय बचाएगी, बल्कि मूक के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। -बी. शिवशंकर, प्रभागीय वन अधिकारी