वाराणसी से नई दिल्ली रूट पर चलने वाली देश की दूसरी स्लीपर वंदेभारत ट्रेन में हॉई टेक्नोलॉजी सिस्टम का लाभ यात्रियों को मिलेगा। ट्रेन के हर कोच की सीसी कैमरे से निगरानी होगी। जरूरत के हिसाब से एसी को यात्री खुद अपनी सीट से एडजस्ट कर सकेंगे।
वाराणसी से नई दिल्ली रूट पर चलने वाली देश की दूसरी स्लीपर वंदेभारत ट्रेन में हॉई टेक्नोलॉजी सिस्टम का लाभ यात्रियों को मिलेगा। ट्रेन के हर कोच की सीसी कैमरे से निगरानी होगी। जरूरत के हिसाब से एसी को यात्री खुद अपनी सीट से एडजस्ट कर सकेंगे। कोच में टॉक बैक सिस्टम भी लगाया गया है। इससे इमरजेंसी की स्थिति में यात्री चालक से बात कर सकेंगे।
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स्लीपर वंदेभारत को रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव 31 अक्तूबर को बनारस रेलवे स्टेशन से रवाना करेंगे। यूपी की पहली स्लीपर वंदेभारत ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को मेट्रो ट्रेन और बहुत सी सुविधाएं ऐसी मिलेंगी, जो हवाई यात्रा के दौरान मिलती है। आरामदायक सीट होने के साथ ही ट्रेन में कवच सिस्टम भी लगा है। किसी तरह की इमरजेंसी की स्थिति में ट्रेन आगे बढ़ नहीं पाएगी। सामान्य स्लीपर ट्रेन की तुलना में इस वंदेभारत स्लीपर ट्रेन की सीट चौड़ी होने के साथ ही आरामदायक भी है। यात्रा के दौरान कोई झटका महसूस नहीं होगा। दरवाजे सामान्य वंदेभारत ट्रेन की तरह खुलेंगे। हर कोच में यात्रियों को उनकी सीट के पास ही सी टाइप मोबाइल चार्जिंग, स्टेशन का नाम बताने वाला डिस्प्ले सिस्टम भी लगाया गया है। वंदेभारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन में अब केवल चार दिन बचे हैं। ऐसे में बनारस स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर रेल मंत्री के हाथों उद्घाटन की तैयारी शुरू हो गई है।
रेलवे ट्रैक की रंगाई-पुताई, प्लेटफॉर्म 8 पर साफ-सफाई, जरूरत के हिसाब से नए सामानों को लगाने, यहां यात्री हाल में लंबे समय से बंद पड़े झरने को चलाने के कार्य चल रहे हैं। मंच बनाने के लिए भी सामान सोमवार को प्लेटफॉर्म पर गिरना शुरू हो गया है। पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम आशीष जैन सहित अन्य अधिकारियों ने भी तैयारियों का जायजा लिया।