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आईआईटी बीएचयू का छठा दीक्षांत समारोहः पदक पाकर खुशी से दमके मेधावियों के चेहरे

Sun, 08 Oct 2017 02:14 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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आईआईटी बीएचयू के दीक्षान्त समारोह में बोलते मुख्य अतिथि आरबीआई के केंद्रीय निदेशक किरण कार्निक। - फोटो : अमर उजाला
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आईआईटी बीएचयू के मेधावियों के लिए शनिवार का दिन खास रहा। संस्थान के शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों के समक्ष स्वतंत्रता भवन में आयोजित छठे दीक्षांत समारोह में उनके चेहरे दमक रहे थे।
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इस बार जिन 47 मेधावियों को पदक मिले उनमें 18 छात्राएं भी शामिल थीं। मुख्य अतिथि आरबीआई के केंद्रीय निदेशक किरण कार्निक ने भावी इंजीनियरों को बधाई देने के  साथ ही उनसे आगे बढ़ते रहने का आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह में केमिकल इंजीनियरिंग की छात्रा मृणाली मोदी को आठ मेडल के साथ ही नगद पुरस्कार भी मिला। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के छात्र मनु अग्रवाल को भी आठ पदक मिले।
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इनके अलावा सिविल इंजीनियरिंग (बीटेक) के छात्र रनवीर सिंह, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र हर्ष कुमार केडिया, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के छात्र वैभव गोयल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र आकाश राय को संबंधित विषय के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सात-सात पदक मिले।

इसी क्रम में मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग के प्रभुतोष कुमार और बी. फ ार्मा के निखिल कुमार को तीन-तीन मेडल प्रदान किए गए। माइनिंग इंजीनियरिंग की खुशी साहू और सिविल इंजीनियरिंग के हर्ष गोयल ने दो-दो पदक प्राप्त किए।

समारोह में पीएचडी, एमटेक, एम. फार्मा, बीटेक, बी. फार्मा आदि में 1256 छात्र-छात्राओं को उपाधियां दी गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद कुलगीत से हुआ।

इस दौरान शैक्षणिक कार्य अधिष्ठाता प्रो. एएसके सिन्हा, अनुसंधान एवं विकास से प्रो. पीके जैन, पूर्व छात्र अधिष्ठाता प्रो. एके त्रिपाठी, छात्र अधिष्ठाता प्रो. एके मुखर्जी, डिप्टी चीफ प्रॉक्टर प्रो. प्रभाकर सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।

आंखों में सपने, मन में उन्हें सच करने का हौसला

आईआईटी बीएचयू के दीक्षान्त समारोह में गोल्ड मेडल के साथ मृणाली मोदी। - फोटो : अमर उजाला
टॉपर मृणाली मोदी का कहना है कि मैं टॉपर बनूंगी, ऐसा कभी सोचा नहीं था। आज सम्मान पाने के बाद लग रहा है कि जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।

फिलहाल रिलायंस बड़ोदरा में ग्रेजुएट ट्रेनी इंजीनियर पद पर कार्यरत हूं लेकिन आगे भी केमिकल इंजीनियरिंग में रिसर्च जारी रहेगा। इस उपलब्धि का श्रेय पिता श्रीराम मोदी और माता बीना को जाता है।

उन्होंने समय-समय पर प्रेरित न किया होता तो शायद ये मुकाम नहीं मिलता। पढ़ाई के साथ थिएटर करना पसंद है। 

माता-पिता का  हमेशा सहयोग मिला

आईआईटी बीएचयू के दीक्षान्त समारोह में गोल्ड मेडल के साथ मनु अग्रवाल। - फोटो : अमर उजाला

टॉपर मनु अग्रवाल ने बताया कि संस्थान में प्रवेश के बाद चाहे परीक्षा की तैयारी हो या कोई अन्य स्पर्धा हो माता-पिता जी का सहयोग हमेशा मिला।

गुड़गांव में फिलहाल टॉवर रिसर्च कंपनी में कोर साफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर हूं। आगे शिक्षक बनने का सपना है, इसके लिए शोध की तैयारी चल रही है।

आठ पदक पाने के साथ ही संस्थान में टॉपर के रुप में सम्मान होगा, ऐसा कभी सोचा नहीं था। इसके लिए शिक्षकों, अभिभावकों का साधुवाद। 
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दीक्षांत समारोह में अपने सपनों के बारे में खुलकर बोले छात्र छात्राएं

आईआईटी बीएचयू के दीक्षान्त समारोह में गोल्ड मेडल पाने वाले छात्र छात्राएं खुशी में दिखे। - फोटो : अमर उजाला

-प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज सेवा करने का सपना है। इसके लिए दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा हूं। -रणवीर सिंह, सिविल इंजीनियरिंग

-पदक पाने की सूचना मिलने के बाद से ही इस दिन का इंतजार था। आज एक सपना पूरा हुआ। शिक्षक बनना है, इसक लिए आईआईटी रुड़की से पीएचडी चल रही है। -श्वेता, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग

-पदक मिलने के बाद से तो जिम्मेदारी और बढ़ गई है। शिक्षक बनकर आगे बढ़ने का इरादा है। बंगलूरू आईआईएससी से बायोमेडिकल इंजीनियरिंग -में रिसर्च कर रही हूं। -पारूल, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग

-इस दिन को जीवन में कभी भुला नहीं सकता। इसके लिए सभी का आशीर्वाद साथ रहा। ऊर्जा के उपकरणों पर शोध चल रहा है। -लक्ष्य माथुर, सिरामिक इंजीनियरिंग

-मार्केटिंग के क्षेत्र में ही आगे बढ़ने का सपना है, इसके लिए बाड़मेर की एक कंपनी में ग्रेजुएट इंजीनियर (ट्रेेनिंग) पद पर कार्यरत हूं। पदक पाना जीवन की बड़ी उपलब्धि है। -हिमशिला, केमिकल इंजीनियरिंग

-शिक्षक बनने का सपना था जो तीन माह पहले पूरा हुआ। देहरादून इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर जिम्मेदारी मिली है। संस्थान में सभी का सहयोग मिला। -हर्ष गोयल, सिविल इंजीनियरिंग
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