उत्तर रेलवे के काशी स्टेशन पर ट्रेनों की क्षमता और प्लेटफार्मों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस दिशा में काम तेजी से हो रहे हैं। आने वाले समय में काशी स्टेशन बदले हुए स्वरूप में दिखेगा। शनिवार को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गांगल ने कैंट स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान मीडिया सेे बातचीत में कहा कि इस स्टेशन पर अभी तक तीन प्लेटफार्म हैं, लेकिन यहां छह प्लेटफार्म विकसित किए जाएंगे।
इसके साथ ही स्टेशन के समीप यार्ड की बेकार पड़ी जमीन को उपयोग में लाया जाएगा। महाप्रबंधक ने बताया कि गंगा पर मालवीय पुल के समानांतर डबल डेकर पुल चार लाइन की होगी, जिससे पीडीडीयू नगर जाने में समय बचेगा। वर्तमान में वाराणसी से पीडीडीयू नगर की दूरी डेढ़ से दो घंटे में पूरी होती है।
उन्होंने बताया, नए ब्रिज का डीपीआर नवंबर तक बना लिया जाएगा। इसके बनने के बाद वाराणसी सहित काशी में ट्रेनों की सुगमता बढ़ जाएगी। यात्री सुविधाओं को लेकर महाप्रबंधक ने बताया कि कैंट स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में कोच रेस्टोरेंट खोला जाना है, जिसका टेंडर 22 सितंबर को खुलेगा। इस दौरान जीएम ने रोपवे स्थल सहित अन्य निर्माण कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण में लखनऊ मंडल के डीआरएम एसके सपरा, सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा, सीनियर डीओएम केके रोरा, वाराणसी के एडीआरएम लालजी चौधरी, स्टेशन निदेशक गौरव दीक्षित सहित दिल्ली के अन्य अधिकारी शामिल रहे।