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पांच माह में एक लाख बेटिकट यात्रियों पर छह करोड़ का जुर्माना

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कोरोना काल में पिछले डेढ़ साल से ट्रेनों की रफ्तार सुस्त है। अधिकतर ट्रेनें अब भी ट्रैक पर नहीं उतर सकी हैं। वहीं, स्पेशल ट्रेनों के लिए जनरल टिकट काउंटर शुरू नहीं हो सका है। इससे यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। बड़ी संख्या में मुंबई, गुजरात, हैदराबाद, सूरत, पंजाब से घर पहुंचे प्रवासी अब वापस लौट रहे हैं। मजबूरी में कंफर्म टिकट नहीं मिलने के कारण जुर्माना चुकाकर यात्री ट्रेनों में यात्रा कर रहे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल में 21 अप्रैल से 21 अगस्त के बीच एक लाख छह हजार 468 बेटिकट यात्रियों से छह करोड़ 33 लाख तीन हजार 282 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
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कोराना संक्रमण की दूसरी लहर थोड़ी कम हो गई है। स्थिति सामान्य होने और उद्योग-कारखाने क्षमता के साथ चलने लगे हैं। ऐसे में पूर्वांचल के कामगार और प्रवासियों को बुलाया जा रहा है। मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, गुजरात, हैदराबाद, बंगलूरू के लिए ट्रेनों की संख्या बहुत कम है। ऐसे में इन शहरों को जाने वाली ट्रेनों में आने वाले पंद्रह दिनों तक वेटिंग चल रही है। बावजूद यात्री ट्रेनों में सवार हो जा रहे हैं। स्लीपर और वातानुकूलित कोच में फर्श पर चादर बिछाकर यात्रा कर रहे हैं। टीटीई के पास पहुंचने पर कहते हैं कि जुर्माना ले लीजिए, लेकिन ट्रेन से मत उतारिए। इस तरह बेटिकट यात्रा के जुर्म में जुर्माना वसूला जाता है। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि ट्रेनों में बेटिकट यात्रा करने पर यात्रियों से जुर्माना वसूला जाता है।
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