छात्रा के साथ दरिंदगी मामले में एसआईटी ने सोमवार को लहरतारा स्थित स्कूल प्रबंधन से सात घंटे पूछताछ की। दोपहर करीब 12 बजे पहुंची एसआईटी ने देर शाम लगभग सात बजे तक छानबीन की। एसआईटी ने स्कूल के मालिक, प्रबंधक और प्रिंसिपल, शिक्षकों और सफाई इंचार्ज से अलग-अलग बात की। स्कूल के अंदर गर्ल्स और ब्वायज टायलेट के बाबत भी जानकारी ली। महिला व पुरुष कर्मी की संख्या भी एसआईटी ने रजिस्टर में दर्ज किया। हालांकि तफ्तीश में अब तक स्कूल में हद दर्जे की लापरवाही मिली। उधर, एसआईटी का नेतृत्व कर रहे डीसीपी वरुणा विक्रांत वीर ने स्कूल के चेयरमैन, डायरेक्टर, प्रिंसिपल और मैनेजर सहित अन्य कर्मियों को लीगल नोटिस भेजा है।
स्कूल के दूसरे तल स्थित वाशरूम के घटनास्थल पर पहुंचकर डीसीपी और एडीसीपी ने तहकीकात की। एसआईटी ने यह भी देखा कि सीबीएसई के गाइडलाइन का पालन किया गया या नहीं, सीसी कैमरे कितने खराब थे और कितने काम कर रहे हैं। गर्ल्स टायलेट की साफ-सफाई के लिए पुरुष कर्मी को क्यों लगाया गया, महिला कर्मियों की संख्या स्कूल में कम भी पाई गई। ऐसी बात एसआईटी के सामने आ रही है। शिफ्ट वार स्कूल के संचालन में सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था भी देखी। बसों से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए क्या सुरक्षा बरती जा रही है। जांच के दौरान फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड टीम भी मौजूद रही।
इस तरह के अन्य कई सवाल एसआईटी ने पूछे। एसआईटी में डीसीपी वरुणा विक्रांत वीर, एडीसीपी प्रबल प्रताप सिंह, सिगरा इंस्पेक्टर बैजनाथ सिंह, महिला थाना प्रभारी सावित्री देवी और उप निरीक्षक अर्चना गुप्ता शामिल हैं। यह टीम अपनी रिपोर्ट पांच दिन के अंदर में पुलिस आयुक्त को सौंपेगी।