50 अभ्यर्थियों ने लिए थे प्रश्नपत्र, जमा हैं शैक्षणिक प्रमाण पत्र :
बयान दर्ज कराने आए अभ्यर्थियों ने बताया कि वह जौनपुर और चोलापुर के लोगों के माध्यम से कौशिक के संपर्क में आए थे। सभी को हल किए गए प्रश्न पत्र चोलापुर क्षेत्र के शैलेंद्र सिंह के घर पर दिए गए। 50 अभ्यर्थियों से पांच लाख से 10 लाख रुपये के बीच पेपर देने का सौदा हुआ था।
दो से ढाई लाख रुपये एडवांस लेकर पेपर देने वालों ने सभी के शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा करा लिए थे। एसआईटी को बताया गया कि लीक हुए पेपर खरीदने वाले 50 अभ्यर्थियों में से 29 ही परीक्षा में शामिल हुए थे। इसी वजह से 29 अभ्यर्थियों को ही नोटिस जारी किया गया।
तीन आरोपियों ने आत्मसमर्पण के लिए दिया आवेदन :
धांधली मामले में अदालत ने जौनपुर के मडि़याहूं थाना के विधिपुर के अजय चौहान, अजीत चौहान और शैलेंद्र सिंह को फरार घोषित किया है। एसआईटी के सदस्यों के अनुसार, तीनों ने कुर्की की कार्रवाई के डर से अदालत में आत्मसमर्पण करने का आवेदन दिया है। कोलकाता निवासी दो अन्य आरोपियों ने भी आत्मसमर्पण के लिए अदालत में आवेदन दिया है।
निलंबित परीक्षा नियंत्रक के करीबी पुलिस के रडार पर :
जिला जेल में निरुद्ध यूपीपीएससी की निलंबित परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार के करीबी भी पुलिस के रडार पर हैं। लीक पेपर खरीदने वाले अभ्यर्थियों से यह भी पूछा जा रहा है कि अंजू कटियार या आयोग से जुड़े अन्य कौन-कौन से लोगों ने उनसे संपर्क किया था। एसआईटी के सदस्यों के अनुसार, सभी अभ्यर्थियों के बयान दर्ज करने के बाद मामले में वांछित आरोपियों के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।