गंगा आरती तक पहुंचने और वापसी के मार्ग
- पहला रास्ता – गेट नंबर 4 से मोबाइल जमा कर सीधे शंकराचार्य चौक होते हुए गंगा द्वार से प्रवेश करके आरती स्थल तक पहुंचा जा सकता है। अन्य रास्तों से जैसे सरस्वती फाटक, गेट नंबर 4 और नंदू फेरिया, ढुंढीराज गणेश मार्ग से प्रवेश करने वाले भक्त भी ललिता घाट तक पहुंच सकते हैं, हालांकि उन्हें मोबाइल बाहर जमा करना होगा। इस रास्ते से मोबाइल लेकर वापसी संभव नहीं होगी।
- दूसरा रास्ता – दशाश्वमेध घाट से लगभग 500 मीटर की दूरी तय करके ललिता घाट पहुंचा जा सकता है और इसी रास्ते से वापसी भी हो सकती है।
- तीसरा रास्ता – मां विशालाक्षी मंदिर से मीरघाट होते हुए भी सीधे ललिता घाट तक पहुंचा जा सकता है और इसी रास्ते से वापसी भी संभव है।
- चौथा रास्ता – नीलकंठ द्वार से भी गंगा आरती तक पहुंचा और वापस लौटा जा सकता है। मंदिर में प्रवेश करने वाला हर श्रद्धालु गंगा आरती तक पहुंच सकता है, लेकिन वापसी में गंगा द्वार के अंदर वाले हिस्से तक ही आ सकेगा। इसके बाद सतुआ बाबा आश्रम के पास स्थित छोटे गेट से बाहर निकलकर मणिकर्णिका गली से होकर बाहर जा सकेगा।