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Varanasi News: ललिता और नमो घाट पर एक साथ शाम 6:30 बजे गंगा आरती, आने-जाने के चार बड़े रास्ते; सुरक्षा

Sat, 21 Mar 2026 05:47 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी में गंगा आरती का विहंगम दृश्य देखने वाले भक्तों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। ललिता घाट पर यह आयोजन शुरू होने से भक्तों को काफी सहूलियत होगी।
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ललिता घाट स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट की भव्य सजावट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Ganga Aarti Varanasi: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर से ललिता घाट और नमो घाट पर गंगा आरती रोज शाम 6:30 बजे शुरू होकर सवा 7 बजे तक चलेगी। सात अर्चक और महादेव भक्त अपने नियमित समय पर ललिता घाट और गंगा द्वार की सीढ़ियों पर उपस्थित होकर आरती शुरू करेंगे। 

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मंदिर की ओर से नमो घाट पर होने वाली गंगा आरती का स्थान बदलकर फेज-2 में कर दिया गया है। वहीं, गंगा आरती में आने और जाने के लिए कुल चार प्रमुख रास्ते निर्धारित किए गए हैं। दर्शनार्थी नीलकंठ द्वार, सतुआ बाबा आश्रम द्वार, विशालाक्षी मंदिर और दशाश्वमेध घाट से वापसी करेंगे।

नमो घाट पर गंगा आरती का स्थान बृहस्पतिवार से ही बदल दिया गया है। विश्वनाथ मंदिर के एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि फेज-2 का इलाका पहले काफी सूना हो रहा था और फेज-1 पर भीड़ अधिक हो रही थी। अब फेज-2 में भी भीड़ बढ़ेगी। साथ ही यह क्षेत्र काफी खुला है, जहां बैठने की पर्याप्त व्यवस्था और अच्छी चौड़ाई है।
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इससे यहां भी लोगों की चहल-पहल बढ़ेगी। विश्वनाथ मंदिर की गंगा आरती देखने आने वाले भक्त मणिकर्णिका घाट की ओर से सीधे ललिता घाट तक नहीं जा सकेंगे। निर्माण कार्य के चलते मणिकर्णिका घाट की सीढ़ियों से लेकर तारकेश्वर मंदिर तक का रास्ता बंद कर दिया गया है। इसी प्रकार कई अन्य रास्तों को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी, जिसे मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है।

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गंगा आरती तक पहुंचने और वापसी के मार्ग
  • पहला रास्ता – गेट नंबर 4 से मोबाइल जमा कर सीधे शंकराचार्य चौक होते हुए गंगा द्वार से प्रवेश करके आरती स्थल तक पहुंचा जा सकता है। अन्य रास्तों से जैसे सरस्वती फाटक, गेट नंबर 4 और नंदू फेरिया, ढुंढीराज गणेश मार्ग से प्रवेश करने वाले भक्त भी ललिता घाट तक पहुंच सकते हैं, हालांकि उन्हें मोबाइल बाहर जमा करना होगा। इस रास्ते से मोबाइल लेकर वापसी संभव नहीं होगी।
  • दूसरा रास्ता – दशाश्वमेध घाट से लगभग 500 मीटर की दूरी तय करके ललिता घाट पहुंचा जा सकता है और इसी रास्ते से वापसी भी हो सकती है।
  • तीसरा रास्ता – मां विशालाक्षी मंदिर से मीरघाट होते हुए भी सीधे ललिता घाट तक पहुंचा जा सकता है और इसी रास्ते से वापसी भी संभव है।
  • चौथा रास्ता – नीलकंठ द्वार से भी गंगा आरती तक पहुंचा और वापस लौटा जा सकता है। मंदिर में प्रवेश करने वाला हर श्रद्धालु गंगा आरती तक पहुंच सकता है, लेकिन वापसी में गंगा द्वार के अंदर वाले हिस्से तक ही आ सकेगा। इसके बाद सतुआ बाबा आश्रम के पास स्थित छोटे गेट से बाहर निकलकर मणिकर्णिका गली से होकर बाहर जा सकेगा।
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