बनारस में पहले नेपाल से तस्करी के जरिए रेशम आता था। इस समस्या को अटल बिहारी वाजपेयी ने ही खत्म किया। एमएलसी अशोक धवन ने बताया कि अटल बिहारी जब प्रधानमंत्री थे तो वह उनसे मिले और इस समस्या से निजात दिलाने का अनुरोध किया।
वाजपेयी ने पूछा कि यह कैसे होगा। तब उन्हें ओपेन जनरल लाइसेंस (ओजीएल) का सुझाव दिया, जिसे उन्होंने लागू कर तस्करी की समस्या को खत्म कराया। बनारस के बुनकरों की भी उन्होंने खूब मदद की। धवन के अनुसार टेक्सटाइल्स पर सेंट्रल वेट लागू था। इससे छोटे बुनकरों को नुकसान हो रहा था। वह चार बुनकरों को लेकर दिल्ली गए और वाजपेयी से मुलाकात कर पूरी बात बताई।
वाजपेयी ने हमसे ज्ञापन लिया और तत्कालीन वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा को बुलाकर कहा कि इसे पढ़ो और इस काम को कर दो। इस पर यशवंत सिन्हा ने धवन से ही पूछा कि यह कैसे होगा। धवन ने कहा, मैं नहीं जानता। प्रधानमंत्री ने आप से कहा है, आप जानें। इसके बाद यशवंत सिन्हा ने पूर्वांचल में आठ पावरलूम तक रखने वालों को सेंट्रल वैट से छूट दी थी।