सिकरौरा नरसंहार मामले की वादिनी हीरावती
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चंदौली जिले के सिकरौरा नरसंहार मामले की वादिनी हीरावती ने सोमवार को बयान दर्ज कराने के लिए कचहरी जाने से इंकार कर दिया। वादिनी ने आरोपी एमएलसी बृजेश सिंह से खुद की जान को खतरा बताया। उनका कहना था कि जितनी सुरक्षा बृजेश को मिली है, उतनी ही सुरक्षा मुझे भी मिलनी चाहिए।
उन्होंने वज्र वाहन से लेने पहुंची पुलिस को लौटा दिया। वहीं, अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) ने आरोपी एमएलसी को सेंट्रल जेल वापस करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 27 अक्तूबर नियत की है।
अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) पीके शर्मा की अदालत ने सिकरौरा नरसंहार कांड की वादिनी हीरावती को सोमवार को बयान दर्ज करने के लिए तलब किया था। इसके मद्देनजर सुबह साढ़े नौ बजे चंदौली पुलिस लाइन से उपनिरीक्षक समेत नौ पुलिसकर्मी सिकरौरा स्थित हीरावती के घर पहुंचे।
वहीं, हीरावती ने पर्याप्त सुरक्षा की मांग करते हुए न्यायालय जाने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि बृजेश सिंह से उनकी जान को खतरा है। इसलिए जितनी सुरक्षा आरोपी को मिली है, उतनी ही उन्हें भी दी जाए, तभी वह कोर्ट जाकर बयान दर्ज कराएंगी।
साथ ही हीरावती ने गवाहों की मौजूदगी में पुलिस को तहरीर भी दी, जिसमें उन्होंने कहा है कि जितनी सुरक्षा घर से कोर्ट आने-जाने के लिए चाहिए, उतनी नहीं दी गई जबकि वह मुकदमे की वादिनी हैं।
इन बातों का जिक्र पुलिस की ओर से कोर्ट में दाखिल जीडी में भी किया गया है। उधर, कड़ी सुरक्षा के बीच सेंट्रल जेल से बृजेश को न्यायालय लाया गया था। इस दौरान बड़ी संख्या में बृजेश समर्थक कचहरी परिसर में डटे रहे।