खेल विभाग का मानना है कि खेल मैदान केवल अभ्यास की जगह नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की तपस्थली होते हैं। ऐसे में इन मैदानों की स्वच्छता और संरक्षण की जिम्मेदारी भी खिलाड़ियों को समझनी चाहिए। विभाग के अनुसार नियमित श्रमदान से न केवल मैदानों की स्थिति बेहतर बनी रहेगी, बल्कि खिलाड़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी मिलेगा, जिससे उनका प्रदर्शन भी बेहतर होगा।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स सिगरा में वर्तमान में बैडमिंटन, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, एथलेटिक्स, क्रिकेट, कबड्डी और जिम्नास्टिक जैसे कई खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां 400 से अधिक बालक और बालिकाएं नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार इस तरह की गतिविधियों से खिलाड़ियों में अनुशासन, जिम्मेदारी और सामूहिक भावना विकसित होगी। साथ ही वे अपने आसपास के वातावरण के प्रति भी अधिक जागरूक बनेंगे। खेल विभाग ने संकेत दिया है कि इस अभियान को आगे और व्यापक रूप दिया जाएगा ताकि अन्य खेल परिसरों में भी स्वच्छता की यह पहल लागू की जा सके।