जिला जज की अदालत में तीन और आवेदनों पर भी निर्णय किया जाना है। इसमें वादी पक्ष की ओर से वजूखाने में मिले शिवलिंग के नीचे की जगह को तोड़कर कमीशन की कार्यवाही, जिला शासकीय अधिवक्ता के वजूखाने के तालाब में मछलियों को संरक्षित किए जाने की मांग और काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत कुलपति तिवारी के भोग, राग, शृंगार और पूजा पाठ के अधिकार के लिए पक्षकार बनने के आवेदन पर निर्णय होगा।
मुस्लिम पक्ष ने वाद खारिज करने की मांग की
इस आवेदन पर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में सुनवाई नहीं हो पाई थी। जिला जज की अदालत में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से रूल 7 आर्डर 11 के तहत दिए गए आवेदन पर गुरुवार को सुनवाई होगी। इसमें वाद पर सवाल करते हुए मुस्लिम पक्ष ने आठ बिंदुओं के जरिए वाद खारिज करने की मांग की है।
ज्ञानवापी मामले की आज सुनवाई
- फोटो : अमर उजाला
धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित अन्य पर मुकदमा दर्ज करने की मांग पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम ने फौजदारी के अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय के आवेदन पर मामला सुनने योग्य है या नहीं, इस पर सुनवाई के लिए 26 मई की तिथि नियत की है।
ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग मिलने के दावे के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम की अदालत में सीआरपीसी की धारा 156-3 में आवेदन देकर कहा गया है कि वजूखाने में जाकर हाथ पैर धोना और शिवलिंग वाली जगह पर गंदा पानी जाना आस्था पर कुठाराघात है। आवेदन में यह भी कहा गया कि शिवलिंग को फुहारा कहकर विद्वेश फैलाने का प्रयास किया गया