श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के लोगो वाले न्यास परिषद के एक पैड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पांच न्यासियों की ओर से बनाए गए इस पैड पर कुछ अधिकारियों के यहां पत्राचार भी किए गए हैं। मुख्य कार्यपालक अधिकारी एमपी सिंह ने इस पैड की वैधता की जांच करने का निर्देश एसीईओ को दिया है। उधर, कुछ न्यासियों ने सफाई दी है कि पैड पर उनकी सहमति के बिना ही उनके नाम प्रिंट कराए गए हैं। इससे उनका लेना देना नहीं है।
मंदिर के आचार्य पद्मश्री डॉ. देवी प्रसाद द्विवेदी के प्रति ह्वाट्स एप पर की गई टिप्पणी को लेकर एसएसपी को जिस पैड पर शिकायत भेजी गई है, उसी को लेकर उंगली उठने लगी है। इस पैड पर पांच न्यासियों प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय, पद्मश्री देवी प्रसाद, पं.राजकृष्ण मालवीय, पंडित प्रसाद दीक्षित और प्रदीप कुमार बजाज के नाम दिए गए हैं। उधर, इस पैड पर जिन न्यासियों के नाम दिए गए हैं, उन्होंने इसके प्रति अनभिज्ञता जताई है। प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय ने अमर उजाला को बताया कि ऐसा कोई पैड उन्होंने न तो प्रकाशित कराया है और न तो किसी को अपने नाम के इस्तेमाल के लिए सहमति ही दी है। अगर परिषद के नाम पर ऐसा पैड जारी किया गया है तो वह गलत है।
न्यासी राजकृष्ण मालवीय ने भी परिषद की ओर से कोई न्यासियों का सामूहिक पैड जारी कराने से इनकार किया है। उनका कहना है कि ऐसा कोई पैड मेरी जानकारी में नहीं है। इस पैड पर नामांकित न्यासियों में से एक प्रदीप कुमार बजाज ने बताया कि चूंकि तमाम पत्राचार के बावजूद उनकी बात अफसरों के यहां नहीं सुनी जा रही थी। पांच सौ पेज तक की चिट्ठियां भेजी जा चुकी हैं लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अंतत: आजिज आकर यह पैड पत्राचार के लिए बनाना पड़ा। इसमें सिर्फ न्यासियों का नाम दिया गया है। इसमें कोई गलत नहीं किया गया है।