मध्याह्न भोग आरती, सप्तर्षि व रात्रि शृंगार भोग आरती का शुल्क 180 से बढ़ाकर 200 रुपये किया गया है। सावन के सोमवार को संन्यासी भोग के लिए 7500, अखंड दीप के लिए 700, रुद्राभिषेक 20 वर्ष के लिए 25000, महामृत्युंजय जाप (32 शास्त्री एक दिन) के लिए एक लाख व सात शास्त्री से पांच दिन में कराने के लिए 51 हजार रुपये मंदिर कोष में जमा करने होंगे। सावन सोमवार शृंगार के लिए 15000 रुपये व पूर्णिमा शृंगार को 3700 रुपये शुल्क देना होगा।
सावन 25 जुलाई से शुरू हो रहा है। हर सोमवार बाबा का अलग-अलग स्वरूप में शृंगार किया जाएगा। पहले सोमवार (26 जुलाई) को शिव शृंगार, द्वितीय सोमवार (दो अगस्त) को शिव-पार्वती शृंगार, तृतीय सोमवार (नौ अगस्त) को अर्द्धनारीश्वर शृंगार, चौथे सोमवार (16 अगस्त) को रुद्राक्ष शृंगार और पांचवें सोमवार को शिव-पार्वती-गणेश की चल प्रतिमाओं का झूला शृंगार होगा।