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Varanasi: अमर उजाला के स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में विभूतियों को श्री काशी विभूषण सम्मान, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया सम्मानित

Fri, 01 Jul 2022 10:03 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

अमर उजाला के 75वें स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार शाम काशी विभूषण सम्मान और कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने काशी की विभूतियों को सम्मानित किया।
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अमर उजाला की ओर से काशी विभूषण सम्मान और कवि सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमर उजाला के 75वें स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में गुरुवार को काशी की विभूतियों को श्री काशी विभूषण सम्मान प्रदान किया गया। अपने-अपने क्षेत्र में शीर्ष पर स्थापित यह विभूतियां समाज को नई दिशा प्रदान कर रही हैं।

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रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ब्रजेश पाठक ने यह सम्मान दिया। समारोह के दौरान मानव एकेडमी के कराटे प्रशिक्षुओं ने नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। इस दौरान कवि सम्मेलन के दौरान काशी की जनता ने काव्य रस की गंगा का रसास्वादन भी किया। कार्यक्रम का संचालन अंकिता खत्री ने किया। 
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इनका हुआ सम्मान 
पद्मश्री प्रो. राजेश्वर आचार्य, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, पद्मश्री डॉ. सोमा घोष, पद्मश्री डॉ. सरोज चूड़ामणि, पद्मश्री चंद्रशेखर सिंह, पद्मश्री डॉ. रजनीकांत, जीआई विशेषज्ञ, रामगोपाल सिंह, संस्थापक, एसएसबी समूह, एसके अग्रवाल, डायरेक्टर, कैटजी कोचिंग, अब्दुल्ला अंसारी, संस्थापक, हनीफा सिल्क प्राइवेट लिमिटेड, डॉ. आरके ओझा, आरके नेत्रालय, चंद्रकांता तलवार, डायरेक्टर आईपी एवं पामा ग्रुप आफ कंपनीज, कबीर किया मोटर्स, डॉ. सुनील कुमार गौतम, संस्थापक, जीवक हास्पिटल, ओंकारनाथ माहेश्वरी, चेयरपर्सन, आरएल मसाले, आरके चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, अमित मौर्या, वाइस चेयरमैन अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, एसके अग्रवाल, डायरेक्टर कैटजी और शिवाय इंड्रस्ट्रीज के संस्थापक रविशंकर सिंह।

उपमुख्यमंत्री बोले- हिंदी भाषा के लिए अमर उजाला ने किया उल्लेखनीय कार्य

अमर उजाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक - फोटो : अमर उजाला
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सामाजिक मुद्दों पर अमर उजाला का काम सराहनीय है। अमर उजाला सिर्फ समाचार पत्र ही नहीं है यह समाज के सरोकारों से भी जुड़ा रहता है। हम लोग आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, लेकिन हिंदी भाषा के लिए अमर उजाला ने जो कार्य किया है वह वास्तव में उल्लेखनीय है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शहर बनारस में बहुत कुछ बदल गया है। शहर अब स्मार्ट हो रहा है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। अगर किसी को भी अस्पताल में समस्या तो किसी भी माध्यम से मुझसे शिकायत कर सकते हैं। मरीज एवं उनके तीमारदारों की समस्या का निस्तारण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता पर है।

अनामिका जैन अंबर ने बांधा शमा

अमर उजाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अनामिका जैन अंबर - फोटो : अमर उजाला
मशहूर कवयित्री अनामिका जैन अंबर ने मंच से काशी की जनता को प्रणाम करते हुए काव्य पाठ की शुरुआत की तो जनता ने भी हर-हर महादेव का जयघोष किया। अनामिका ने जो भूमि देवताओं की परम पावन विरासत है, जहां सत्यम शिवम और सुंदरम हर क्षण मुहूर्त है, धर्म सत्कर्म, संस्कृति, सभ्यता, कर्तव्य का मंदिर, हमे हैं गर्व जिस पर वो हमारा देश भारत है... सुनाया तो श्रोताओं ने भी भारत माता की जय के नारे लगाए।

इसके बाद अनामिका ने प्रेम में पगी हुई कविताओं से श्रोताओं में प्रेम रस का संचार किया तो राजनीतिक व्यंग्य के बाण चलाकर श्रोताओं को गुदगुदाया भी। अनामिका ने गुनगुनाया मोहब्बत की ये सौगातें ही तो शोहरत बढ़ाती हैं, दुआ बनकर ये बरकत बढ़ाती हैं, दुआ देना मुझे एहसास जो दिल तक पहुंच जाए, यकीन मानो तुम्हारी तालियां हिम्मत बढ़ाती हैं...।

 
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प्रियांशु गजेंद्र ने काव्य पाठ से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया

ख्यात युवा कवि प्रियांशु गजेंद्र ने काव्य पाठ से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। उन्होंने काव्य पाठ की शुरुआत करते हुए कहा कि अंधेरा ढंक ले सूरज को उजाले की खता क्या है, लगी हो सेंध दीवारों में ताले की खता क्या है। किसी के रूप की मदिरा नशे से भी नशीली हो कोई पीकर के मर जाए तो प्याले की खता क्या है?

इसके बाद उन्होंने डगर-डगर कदम-कदम पर रूप ने छला मुझे, मैं आदमी भला हूं तुमने समझा मनचला मुझे, ये माना रूप तेरा सारे मुल्क का शबाब है, दिल मेरा भी कम नहीं है लखनवी नवाब है...। इसके बाद प्रियांशु ने इस पनघट से उस पनघट तक घूमा घट से गंगा तट तक, मन का मुसाफिर फिर भी प्यासा है, इन अधरों को तुमसे आशा है... सुनाकर श्रोताओं को आनंद से भर दिया।
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