खुदाई में मिले लौह अयस्क
खुदाई में बृहस्पतिवार को लौह अयस्क भी मिले हैं। इसको देखने वालों की भीड़ लग गई। बभनियाव में मिलने वाले पुरावशेष को लेकर कहा जा रहा है कि गुप्त काल में मंदिर में ईटों का प्रयोग कम ही जगहों पर देखने को मिलते है। मंदिर का ऐसा अवशेष कानपुर में भीतरी गांव में मिला है।
खेत में प्राचीनता के इतने महत्वपूर्ण प्रमाण मिलेंगे इसका अंदेशा नहीं था। इस भूमि पर जानकारी के अभाव में पहले सब्जी व पशुओं के लिए चारा उगाते रहे हैं। अध्ययन के लिए यह भूमि भी सरकार द्वारा ले ली जाए तो कोई आपत्ति नहीं होगी।
जय नारायण सिंह, भूमि मालिक
नीचे मंदिर निकलने की बात सुनी तो अपने आप को रोक नहीं पाई। यहां पर दर्शन करने के लिए पैदल ही 5 किलोमीटर दूर से आई हुई हूं। शिवलिंग इतने नीचे कैसे स्थापित है इस बात को लेकर हैरानी है।
मुनक्का देवी, ढढोरपुर
इस स्थान के बारे में समाचार पत्र के माध्यम से जानकारी हुआ तो देखने के लिए चला आया। इस प्राचीनतम अवशेष को देखकर अपने पूर्वजों की श्रद्धा और निर्माण कला के बारे में जानकारी प्राप्त हुई।
प्रसून सिंह, प्रवक्ता, डीएवी इंटर कॉलेज
गांव में पग पग पर मिलने वाले प्राचीन मूर्तियों के अवशेष बताते हैं कि गांव समृद्ध शाली परंपरा का अंग रहा है। इस गांव का निवासी होने पर गर्व महसूस होता है। ऐतिहासिक स्थलों की खुदाई तथा मूर्तियों के संरक्षण के लिए सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए।
अरुण प्रकाश सिंह, बभनियाव