गुरुवार की सुबह संचालित 12560 नई दिल्ली-बनारस एक्सप्रेस, 12582 नई दिल्ली-बनारस एक्सप्रेस, 15003 कानपुर अनवरगंज-गोरखपुर चौरीचौरा एक्सप्रेस, 05003 झूंसी-गोरखपुर कुंभ स्पेशल, 20176 आगरा कैंट-बनारस वंदे भारत एक्सप्रेस, 20175 बनारस-आगरा कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस, कैंट स्टेशन से चलने वाली 22415 वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस और नई दिल्ली से चलने वाली 22416 नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस निरस्त, 14005 सीतामढ़ी-आनन्द विहार टर्मिनल एक्सप्रेस निरस्त रहेगी।
महाकुंभ तक निरस्त हुई तीन जोड़ी स्पेशल ट्रेन
02563/02564 बरौनी-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन 29 जनवरी से 28 फरवरी तक निरस्त, 02569/02570 दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन निरस्त, 04055/04056 बलिया-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल निरस्त है। वहीं, 12670 छपरा-पुरट्चि तलैवर डॉ. एम.जी. रामचंद्रन सेंट्रल (चेन्नई सेंट्रल) एक्सप्रेस छपरा से बुधवार को 300 मिनट रि-शिड्यूल कर चलाई गई।
गोरखपुर-बांद्रा 15 घंटे और ढाई-ढाई घंटे लेट रही वंदे भारत
प्रयागराज रूट पर नियमित व स्पेशल ट्रेनों का संचालन नियंत्रित करने से 20 से अधिक नियमित व स्पेशल ट्रेनों की रफ्तार थम गईं। ट्रेनें जहां-तहां रोक दी गईं। ढाई-ढाई घंटे वंदे भारत देरी से चलीं।
रेल अधिकारियों के अनुसार गोरखपुर बांद्रा टर्मिनल 15 घंटे, गोरखपुर कानपुर सेंट्रल साढ़े 13 घंटे, गोरखपुर प्रयागराज जंक्शन कुंभ मेला स्पेशल 13 घंटे, गोरखपुर-झूंसी कुंभ मेला स्पेशल 14 घंटे, बलिया एलटीटी कामायनी एक्सप्रेस दो घंटे, प्रयागराज रामबाग गोरखपुर कुंभ मेला स्पेशल सवा तीन घंटे, बलिया प्रयागराज रामबाग कुंभ मेला स्पेशल साढ़े नौ घंटे 22416 न्यू दिल्ली वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, हावड़ा न्यू दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस तीन घंटे, अहमदाबाद गोरखपुर एक्सप्रेस सवा नौ, प्रयागराज रामबाग हावड़ा विभूति एक्सप्रेस सवा दो घंटे, बरकाकाना वाराणसी मेमू ढाई घंटे, देहरादून हावड़ा कुंभ एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे 22436 न्यू दिल्ली वाराणसी वंदे भारत और 22435 वाराणसी दिल्ली वंदे भारत ढाई-ढाई घंटे की देरी से चलीं।
मौनी अमावस्या पर प्रयागराज, रामबाग और झूंसी से बुधवार रात आठ बजे तक स्पेशल समेत 45 ट्रेनें चलाई गईं। इसमें 30 मेला स्पेशल ट्रेनें रहीं। वाराणसी के डीआरएम वीके श्रीवास्तव 24 घंटे झूंसी और प्रयागराज, रामबाग स्टेशन की निगरानी में रहे। वार रूम से पूर्वोत्तर रेलवे की महाप्रबंधक सौम्या माथुर समेत अन्य प्रमुख अधिकारी बने रहे।
डीआरएम ने बताया कि यात्रियों को ट्रेनों की जानकारी देने, एक स्थान पर भीड़ एकत्र होने से बचाने और उचित व्यवस्था के लिए प्रयागराज, रामबाग व झूंसी स्टेशनों पर 300 से अधिक टीटीई तैनात किए गए हैं। 14 सहयोग काउंटर भी संचालित किए जा रहे हैं।
राजपत्रित अधिकारियों को मॉनिटरिंग, पर्यवेक्षण व भीड़ नियंत्रण के लिए 8 घंटे की शिफ्ट ड्यूटी लगाई गई है। किसी भी आपदा से निपटने के लिए रैपिड एक्शन टीम बनाई गई है। यह टीम एक बहु-विषयक टीम है। इसमें आरपीएफ, चिकित्सा, वाणिज्य, यांत्रिक, विद्युत तथा सिग्नल एवं टेलीकॉम विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।