शाइन सिटी कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम, एमडी और भाई आसिफ नसीम और उसकेकर्मचारियों के खिलाफ जिले के थानों में 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से सर्वाधिक मुकदमे कैंट थाने में दर्ज हैं। दोनों भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने जमीन और प्लाट बेचने के नाम पर वाराणसी सहित पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों के सैकड़ों लोगों के करोड़ों रुपये हड़प लिए हैं।
शिवपुर सेंट्रल जेल रोड पर शाइन सिटी का कार्यालय खोलकर दोनों भाइयों ने जमीन और लुभावनी स्कीम देकर लोगों को जोड़ा। इसके बाद दोनों ने अपना नेटवर्क पहले प्रदेश फिर देशभर में फैलाया। कमीशन का लालच देकर छोटे-छोटे जिलों में एजेंट तैयार किए। फिर लोगों को निवेश में मुनाफा, प्लाट व आवास देने के नाम पर रुपये ऐंठे। बाद में आरोपियों ने रकम हड़प ली। राशिद नसीम और उसके भाई आसिफ नसीम के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ने अप्रैल 2021 में 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। दोनों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन को सौपीं गई। प्रयागराज के जीटीबी नगर निवासी दोनों भाइयों ने कंपनी के जरिए खूब धोखाधड़ी की। आसिफ की गिरफ्तारी के बाद अब राशिद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हैं। पुलिस के अनुसार, राशिद लगभग ढाई साल पहले दुबई जाकर शिफ्ट हो चुका है और हीरे के कारोबार के साथ ही कई अन्य काम कर रहा है।
पुलिस भी करती थी मदद
दो साल पहले बनारस में तैनात कुछ पुलिसकर्मी राशिद नसीम और आसिफ नसीम के मददगार भी रहे। पीड़ितों के शिकायत लेकर आने पर उसे सूचना तक दी जाती थी। इसके बाद कई मामलों में उसके कर्मचारियों से बातचीत कराकर रुपये वापस देने के लिए भी आश्वासन दिया जाता था, ताकि मुकदमा दर्ज न हो। इसके लिए पुलिसकर्मियों की खुशामद भी की जाती थी। पुलिस के ही सहयोग से राशिद नसीम व आसिफ भागने में सफल हुए थे।