शिक्षक पद पर बहाली की मांग को लेकर बुधवार को वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किया। कीनाराम आश्रम से रवींद्रपुरी स्थित पीएम के संसदीय कार्यालय पर प्रदर्शन करने जा रहे शिक्षामित्रों को पुलिस ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल चौराहे पर रोक दिया।
यहीं पर शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में महिला शिक्षामित्र भी शामिल रहीं। सुबह दस बजे से लेकर शाम 3:30 बजे तक चले इस प्रदर्शन के चलते रवींद्रपुरी-लंका मार्ग साढ़े पांच घंटे पूरी तरह से बंद रहा।
आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी और संसदीय कार्यालय पर देने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया। प्रदर्शन को नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र दूबे ने कहा कि जिस प्रकार तमिलनाडु में जलीकट्टू के मामले में सरकार ने किया है। उसी प्रकार उनकी बहाली के मामले में किया जाए।
संसद से अध्यादेश पारित कर कानून बनाएं। इससे 1,72,000 शिक्षामित्रों का भविष्य बच सकेगा। याद दिलाया कि अपने संसदीय क्षेत्र में 18 सितंबर 2015 को डीरेका में मंच से पीएम ने कहा था कि शिक्षामित्रों के साथ अन्याय नहीं होगा। यहां तक की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के घोषणा पत्र में भी शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने का वायदा किया था।
जिला प्रशासन को भारी संख्या में शिक्षामित्रों के संसदीय कार्यालय पर पहुंचने की खबर रही। इसी कारण से विजया तिराहे से लंका तक का इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया। आईपी विजया से कीनाराम जाने वाले रास्ते को पुलिस ने एहतियातन बंद कर दिया था। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने जगह-जगह शिक्षामित्रों को रोक दिया।
दूसरे जिलों से आने वाले शिक्षामित्रों को जिले की सीमा पर रोका गया। बावजूद इसके सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्र कीनाराम आश्रम पहुंच गए। यहां से जुलूस की शक्ल में पीएम के संसदीय कार्यालय की ओर शिक्षामित्र कूच कर गए। इस दौरान जमकर शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस प्रशासन ने सभी शिक्षामित्रों को आचार्य रामचंद्र शुक्ल चौराहे के आगे बढ़ने नहीं दिया। चारों तरफ से पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। बैरिकेडिंग के आगे जैकेट, हेलमेट, आंसू का गोला, वाटर कैनन, एंबुलेंस, रस्सी आदि के साथ सुरक्षाबलों के जवान खड़े हो गए।
किसी को आगे जाने नहीं दिया। इसके बाद शिक्षामित्र यही बैठ गए। मौके पर पहुंचे एडीएम सिटी जेएम सिंह, एपी सिटी दिनेश कुमार सिंह पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन लिया। बावजूद इसके प्रदर्शन समाप्त नहीं हुआ।
एक घंटे बाद पुन: आला अधिकारियों से वार्ता के बाद पांच सदस्य पीएम के संसदीय कार्यालय पहुंचे। यहां के प्रभारी शिवशरण पाठक को मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया।