पंजाब के पटियाला में चल रहे 60वें नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बनारस के शेखर कुमार पांडेय ने ऊंची कूद (पोल वाल्ट) में स्वर्ण पदक जीता है। 4.80 मीटर की ऊंचाई तक छलांग लगाने वाले शेखर मात्र 20 सेंटीमीटर से टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने से चूक गए। चयन के लिए 5 मीटर की ऊंचाई को पार करना था। हालांकि, वह स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब रहे। शेखर ने बताया कि लॉकडाउन और कोरोना कर्फ्यू के चलते बेहतर तैयारी नहीं होने से चूक हुई है।
कोनिया निवासी शेखर के पिता नंदलाल पांडेय मिर्जापुर के खिरोनी गांव में रहकर खेती करते हैं। शेखर दो साल से बनारस में रखकर सिगरा के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में अभ्यास कर रहे थे। कोरोना की वजह से स्टेडियम बंद हुआ तो बीते दो माह से शेखर दिल्ली के जवाहरलाल लाल नेहरू स्टेडियम में कोच पीसी त्यागी की निगरानी राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे थे। जिला एथलेटिक संघ के सचिव रमेश कुमार यादव ने बताया कि बनारस से एकमात्र खिलाड़ी शेखर पोल वाल्ट के लिए प्रतियोगिता में शामिल हुए थे।
शेखर की उपलब्धियां
शेखर ने अपने पांच साल के करियर में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में छह पदक जीते हैं। 2017 के स्कूल नेशनल और 2018 के यूथ नेशनल में रजत पदक, 2019 में गुंटूर में आयोजित जूनियर नेशनल में कांस्य, 2020 गुवाहाटी खेलो इंडिया में रजत पदक इनमें मुख्य है।
बनारस में नहीं है अभ्यास की बेहतर सुविधा
गांव में बांस के डंडे के सहारे नहर और नाले डाक कर इस खेल में आने वाले शेखर सिगरा स्टेडियम में रेत में कूदकर अभ्यास करते थे। पहले एक दो खिलाड़ी जिले से खेलते थे, लेकिन बेहतर सुविधाओं के अभाव में उन्होंने खेलना छोड़ दिया। ऐसे में इस स्पर्धा में खिलाड़ियों की संख्या नाम मात्र है। पोल वाल्ट के लिए आधुनिक गद्दे और फाइबर पोल की जरूरत होती है।